हिसार : कपास फसल में गुलाबी सुंडी की रोकथाम पर प्रशिक्षण आयोजित
कृषि विज्ञान केन्द्र सदलपुर में आसपास के गांवों
के किसानों ने लिया भाग
हिसार, 26 फरवरी (हि.स.)। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
एवं केन्द्रीय कपास अनुसंधान संस्थान, नागपुर द्वारा संचालित एआई ट्रैप परियोजना के
अन्तर्गत कपास फसल में कीट, बीमारियों एवं गुलाबी सुंडी की रोकथाम पर एक दिवसीय प्रशिक्षण
कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि विज्ञान केन्द्र सदलपुर में आयोजित किए गए प्रशिक्षण
में कपास अनुभाग के अध्यक्ष एवं मुख्य वक्ता के तौर पर डॉ करमल मलिक उपस्थित रहे।
डॉ. करमल ने गुरुवार काे बताया कि किसानों को कपास फसल की
उन्नत किस्मों का चयन एवं अधिक उत्पादन के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करना चाहिए।
कीट वैज्ञानिक डॉ. अनिल जाखड़ ने गुलाबी सुंडी की पहचान, जीवन चक्र एवं समन्वित कीट
प्रबंधन के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पिछले साल की खेती
में पड़ी नरमा की लकडिय़ों को झाडक़र अलग करके, बचे हुए टिंडों को नष्ट करने की सलाह
दी। ऐसे टिंडों में गुलाबी सुंडी के लारवा पाए जाते हैं जो बोई जाने वाली नरमा फसल
को नुकसान पहुंचाते हैं।
पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल सैनी ने विभिन्न रोगों
की रोकथाम संबंधी वैज्ञानिक उपायों की जानकारी दी। कोऑर्डिनेटर डॉ. नरेन्द्र ने किसानों
से फसल की नियमित निगरानी, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा फेरोमोन ट्रैप उपयोग करने की सलाह
दी। वैज्ञानिकों ने नरमा की बनछटी के प्रबंधन, फेरोमोन ट्रैप के प्रयोग तथा अनुशंसित
कीटनाशकों के उपयोग करने का आह्वान किया। अंत में किसानों की जिज्ञासाओं का समाधान
कर वैज्ञानिक खेती अपना कर उत्पादन में आय बढ़ाने का संदेश दिया गया। प्रशिक्षण में
सदलपुर सहित आसपास के विभिन्न गांवों के किसानों ने भाग लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर