हिसार : आधा दर्जन गांवों में जलसंकट, पेयजल किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
कारगर साबित नहीं हुआ जनस्वास्थ्य विभाग का 25 करोड़ का प्रोजेक्ट, जलघर को
लगाया ताला
हिसार, 12 जुलाई (हि.स.)। बरवाला ब्रांच नहर के टेल एरिया में बसे गांवों को
पीने का पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। पानी की कमी के कारण जनस्वास्थ्य विभाग का 25
करोड़ का पंप हाउस प्रोजेक्ट सफेद हाथी बनकर रह गया है। इस प्रोजेक्ट को टेल एरिया
के 6 गांवों में पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए बनाया गया था। चौधरी माइनर पर सीसवाला
हेड पर बने पंप हाउस से किरतान, बुड़ाक, बालसमंद, गोरछी, सरसाना और बासडा गांव के
7 जलघरों को 35 किलोमीटर लंबी पाइप बिछाकर जोड़ा गया था ताकि नहर में पानी कम होने पर
भी इन गांवों तक पीने का पानी पहुंचाया जा सके।
इस पंप हाउस को तीन साल पहले चालू कर दिया गया था। पंप हाउस के चालू होने पर
ग्रामीणों को पानी की किल्लत दूर होने की उम्मीद थी लेकिन आजतक इस प्रोजेक्ट का लाभ
किसी भी गांव को नहीं मिला है। इस प्रोजेक्ट से जुड़े 6 गांव में से किसी के भी जलघर
पूरी तरह नहीं भर पाए हैं। विभाग कभी नहर में पानी कम होने, कभी बिजली कटने तो अलग
अलग दिक्कत बताकर टालमटोल कर देता है। इस 6 गांवों को आजतक भी पुरानी पाइपलाइन के जरिए
की थोड़ा बहुत पानी दिया जा रहा है।
पानी की किल्लत से परेशान किरतान गांववासियों ने रविवार को जलघर पर ताला जड़
दिया। ग्रामीणों ने बताया कि नहर में तीन दिन से पानी चल रहा है, सिर्फ चार दिन और
नहर में पानी चलना है लेकिन आजतक उनके गांव के टैंक में सिर्फ तीन फीट पानी इकट्ठा
हो सका है। बीते 15 दिनों से गांव में पानी सप्लाई नहीं दी गई है। ग्रामीणों द्वारा
प्रदर्शन करने के बाद विभाग ने पंप हाउस की मोटर चालू करवाई है। पानी सप्लाई नहीं होने
के कारण ग्रामीणों को एक हजार प्रति टैंकर के हिसाब से पानी खरीदना पड़ रहा है। बीते
साल इस बारे में नलवा हलके के विधायक रणधीर पनिहार को पूरी समस्या बताई थी लेकिन आजतक
कोई समाधान नहीं हुआ है।
मामले में एरिया के किसान नेता सुरेन्द्र आर्य ने बताया कि विभाग वालों का
कहना है कि सीसवाला हेड पर पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण मोटर नहीं चल सकी थी। अगर
इस नहर में से हांसी जींद को पानी देने से पहले ही यहां पीने का पानी नहीं पहुंच रहा
है तो इन शहरों को पानी देने का बाद हालात और ज्यादा बदतर होंगे।
गोरछी गांव वासी अनिल ने बताया कि उनके गांव तक इस पंप हाउस से लाइन दबाई गई
है लेकिन आजतक इस लाइन से टैंक नहीं भरे हैं। ये लाइन चालू होने के बाद पुरानी लाइन
का कनेक्शन नहर से हटाना था लेकिन इस प्रोजेक्ट के फेल होने के कारण अभी तक पुरानी
लाइन से काम चल रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर