हांसी में तूफान का कहर : दीवार गिरने से मलबे में दबे पिता-पुत्र

 


हांसी, 15 जून (हि.स.)। हांसी में सोमवार को आए तेज आंधी-तूफान के दौरान तिकोना पार्क के पास एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ एक जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से एक परांठा रेहड़ी संचालक और उसका बेटा मलबे के नीचे दब गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला और मलबे से निकालकर तुरंत एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ फिलहाल उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, तिकोना पार्क के निकट सोनू जांगड़ा वर्षों से परांठों की

रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सोमवार को भी वह अपने पुत्र अभय के

साथ रेहड़ी पर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज आंधी के साथ तूफान

शुरू हो गया। देखते ही देखते पार्क के पास स्थित एक दीवार तेज हवा का दबाव नहीं झेल

सकी और अचानक ढह गई। दीवार गिरते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद दुकानदारों

और राहगीरों ने देखा कि सोनू जांगड़ा और उनका बेटा अभय मलबे के नीचे दब गए हैं। घटना

के तुरंत बाद लोगों ने बिना किसी देरी के राहत कार्य शुरू कर मलबा हटाना शुरू किया

और काफी प्रयासों के बाद दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

घायलों को तुरंत उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज

चल रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों को चोटें आई हैं, हालांकि समय रहते राहत

मिलने से उनकी जान बच गई। चिकित्सक उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय नागरिकों ने कहा कि

यदि मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद नहीं की होती तो हादसा और गंभीर हो सकता था।

लोगों ने प्रशासन से जर्जर दीवारों और खतरनाक भवनों का सर्वे करवाकर आवश्यक कार्रवाई

करने की मांग भी की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

---

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर