हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगें मानी

 

- जनवरी 2026 से 2100 रुपये मानदेय बढ़ाया

- छह माह का एकमुश्त मिलेगा बढ़ा हुआ एरियर

चंडीगढ़, 10 सितंबर (हि.स.)। एक तरफ जहां प्रदेश में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, वहीं हरियाणा सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की मांगों को पूरा करते हुए गुरुवार की शाम विभागीय अधिसूचना जारी कर दी है। विकास एवं पंचायत विभाग की ओर से जारी नए आदेश के अनुसार राज्य सरकार ने सफाई कर्मियों के एरियर, भत्तों और बकाया मानदेय के भुगतान को हरी झंडी दे दी है। विभाग के निदेशक सुशील सरवान द्वारा जारी यह पत्र सभी जिला उपायुक्तों और संबंधित अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के निर्देश के साथ भेज दिया गया है। यह फैसला 29 मई 2026 को कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में बनी सहमति के आधार पर लिया गया है, जिसे अब वित्त विभाग ने भी अपनी अंतिम मंजूरी दे दी है।पत्र के अनुसार जनवरी 2026 से मानदेय में 2100 प्रतिमाह की वृद्धि का एरियर जारी किया जाएगा। कर्मचारियों को 16,000 से 18,100 के बीच की अंतर राशि का 30 जून 2026 तक का बकाया भुगतान एकमुश्त मिलेगा। अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि के दौरान काटे गए मानदेय का भी अब भुगतान किया जाएगा। आधिकारिक रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद 4 ब्लॉक के कुल 139 सफाई कर्मचारियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इनमें कैथल जिला के ढांड ब्लाक के 48 सफाई कर्मी, गुरुग्राम जिला में फर्रुखनगर ब्लॉक के 54, सीहमा ब्लॉक के 25 तथा निज़ामपुर ब्लॉक के 15 सफाई कर्मी शामिल हैं।

अगर किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी को उसके मूल गांव से बाहर किसी अन्य जगह ड्यूटी पर भेजा जाता है, तो बीडीपीओ कार्यालय उसे 200 प्रतिदिन का दैनिक भत्ता अपने फुटकर फंड से देगा। अब कर्मचारियों को हर साल 4,000 के स्थान पर 6,000 वार्षिक यूनिफॉर्म भत्ता मिलेगा। कपड़ों की धुलाई के लिए मिलने वाला सालाना भत्ता 1,000 से बढ़ाकर 1,500 प्रतिवर्ष कर दिया गया है।

यदि किसी ग्रामीण सफाई कर्मचारी की ऑन-ड्यूटी मृत्यु होती है, तो उसके परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी। मृतक के परिजनों को निजी एजेंसियों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए बीडीपीओ ऑफिस खुद ईपीएफ और ईएसआई क्लेम पेपर्स पास कराने में मदद करेगा। कर्मचारियों के वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए सरकार ने समय सीमा तय कर दी है। हर महीने की 7 तारीख तक मानदेय खातों में भेजना अनिवार्य होगा। देरी होने पर संबंधित विभाग पर 500 प्रति मामला जुर्माना लगाया जाएगा।

विकास एवं पंचायत विभाग के इस फैसले की प्रति 'ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन' और 'सफाई कर्मचारी आयोग' को भी भेज दी गई है। हड़ताल के बकाया मानदेय और एरियर मिलने के इस आदेश से प्रदेशभर के हजारों ग्रामीण सफाई कर्मियों को बड़ी राहत मिली है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा