हरियाणा विधानसभा में सफाई कर्मियों की हड़ताल पर हंगामा

 

चंडीगढ़, 01 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा में चल रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरकार की तरफ से हड़ताल के दौरान कर्मचारियों के साथ हुई बैठक पर भी सदन में रिपोर्ट पेश की गई। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के मुद्दे पर सदन में सरकार तथा विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। मंत्रियों तथा विधायकों ने आपस में निजी कटाक्ष भी किए।

हरियाणा में छह अगस्त से सफाई कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। विपक्षी कांग्रेस की तरफ से मंगलवार के लिए इस मुद्दे पर आज काम रोको प्रस्ताव दिया गया था। स्पीकर की तरफ से इस प्रस्ताव को लेकर कोई निर्णय आता उससे पहले ही प्रश्नकाल के बाद स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल खड़े हो गए और सफाई कर्मियों की हड़ताल के मुद्दे पर जानकारी देनी शुरू कर दी।

कांग्रेस ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इस पर सदन में चर्चा के बगैर ही मंत्री बोल रहे हैं। इसी बात को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। कांग्रेस ने सफाई कर्मचारियों के समर्थन में नारेबाजी कर दी। कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को भडक़ा रहा है। निकाय मंत्री विपुल गोयल ने हंगामे के बीच कहा कि पहले कर्मचारियों ने 1 मई से 14 मई तक हड़ताल की थी। 13 मई को कर्मचारियों की मांगों पर सहमति के बाद हड़ताल खत्म हो गई थी।

अब छह अगस्त से कर्मचारी लगातार तीन-तीन दिन के लिए हड़ताल को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक सरकार व कर्मचारियों के बीच छह बैठकें हो चुकी हैं। कर्मचारियों की 13 में से 12 मांगे मान ली गई हैं। कर्मचारी दो साल की पॉलिसी के साथ नियमित करने की मांग कर रहे हैं।

यह देश के किसी भी राज्य में नहीं है। कर्मचारियों के साथ बैठकें करने वाले कृष्ण बेदी ने कहा कि पूर्व चौटाला सरकार में पांच साल तथा हुड्डा सरकार में दस साल की पॉलिसी के साथ पक्का करने का फैसला लिया गया था। इस संबंध में सरकार द्वारा कानूनी राय ली जा रही है। यह फैसला कोर्ट में जा सकता है।

कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को घेरते हुए पूर्व स्पीकर एवं कांग्रेस नेता अशोक अरोड़ा ने कहा कि सरकार इस संबंध में पॉलिसी लेकर आए वह समर्थन करेंगे। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि विपक्ष जानता है कि यह तकनीकी रूप से संभव नहीं है। इसके बावजूद कर्मचारियों को भडक़ाया जा रहा है। यह समस्या नई नहीं है। सरकार इसको जल्द समझा लेगी। विपक्ष की तरफ से गीता भुक्कल ने कहा कि सरकार पुलिस की मदद से कचरा उठवा रही है। इस दौरान महिला सफाई कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। प्रदेश में कई जगह सफाई कर्मियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। इन्हें तुरंत वापस लिया जाए। हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों के साथ है। उनकी सभी मांगों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। कुछ मामलों में तकनीकी कारणों से सहमति नहीं बन रही है। यह जल्द सुलझा लिया जाएगा। सरकार हर समय कर्मचारियों के साथ बातचीत के लिए तैयार है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा