हरियाणा में हर सप्ताह सीटीआर का ऑनलाइन सत्यापन अनिवार्य
-लापरवाही पर रुकेगा ई-बिलिंग का काम
-लेखा विभाग ने विभागाध्यक्षों को जारी किए निर्देश
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने सरकारी विभागों में कंसोलिडेटेड ट्रेजरी रिसीट (सीटीआर) के सत्यापन की प्रक्रिया सख्त की है। अब सभी विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों (डीडीओ) को ई-जीआरएएस पोर्टल पर प्रत्येक सप्ताह सीटीआर का ऑनलाइन सत्यापन करना अनिवार्य होगा। निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के ई-बिलिंग सिस्टम में चेकर लॉगिन से जुड़ी सभी गतिविधियां रोक दी जाएंगी। सत्यापन पूरा होने के बाद ही इस लॉगिन के तहत काम दोबारा शुरू हो सकेगा।कोषागार एवं लेखा विभाग के महानिदेशक की ओर से सभी विभागाध्यक्षों को जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि विभाग ने 20 जनवरी 2017 को जारी पत्र के माध्यम से सभी विभागों में सीटीआर के ऑनलाइन सत्यापन की व्यवस्था लागू की थी। हालांकि, विभाग के संज्ञान में आया कि संबंधित निर्देशों का उचित तरीके से पालन नहीं हो रहा है। इससे रसीदों के सत्यापन के बिना सेवाएं प्राप्त करने और जालसाजी की आशंका बनी रहती है। इस स्थिति को देखते हुए हरियाणा सिविल सेवा वित्तीय नियम (पीएफआर), वॉल्यूम-I के नियम 2.2 (1) के प्रावधानों के तहत सत्यापन प्रक्रिया को मजबूत करने का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत ई-जीआरएएस पर प्रत्येक सप्ताह सीटीआर का सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।
निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई डीडीओ निर्धारित साप्ताहिक सत्यापन नहीं करता है, तो ई-बिलिंग प्रणाली में चेकर लॉगिन से संबंधित सभी गतिविधियां रोक दी जाएंगी। सिस्टम पर पॉप-अप संदेश के माध्यम से संबंधित अधिकारी को पहले कोषागार से सीटीआर रिपोर्ट का सत्यापन करवाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद ही चेकर लॉगिन के माध्यम से कार्य बहाल हो सकेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा