हरियाणा के दस हजार अतिथि अध्यापक कुरूक्षेत्र में करेंगे न्याय रैली
-न्याय रथ के साथ चंडीगढ़ तक पैदल मार्च कर राज्यपाल को सौंपेंगे मांग
-तीन वर्षीय नीति के तहत नियमित करने की मांग
चंडीगढ़, 24 अक्टूबर (हि.स.)। प्रदेश भर के राजकीय विद्यालयों में 21 वर्षों से सेवाएं दे रहे दस हजार 757 अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण पर आर-पार की लड़ाई की रणनीति तैयार की है। अतिथि अध्यापक संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने प्रदेश सरकार से वर्ष 2014 में बनाई गई तीन वर्षीय नीति के तहत नियमितीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने की मांग की है। इसी मांग को लेकर 25 अक्टूबर रविवार को कुरुक्षेत्र में न्याय रैली आयोजित की जाएगी।
शनिवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारशूल ने कहा कि अतिथि अध्यापक पिछले 21 वर्षों से सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को शिक्षित कर रहे हैं। सरकार को अतिथि अध्यापकों की वर्षों की सेवाओं और योगदान का सम्मान करते हुए नियमितीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि अनावश्यक देरी किए बिना स्पष्ट निर्णय लिया जाए, ताकि 10,757 शिक्षकों को भविष्य की अनिश्चितता से राहत मिल सके। मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, अतिथि अध्यापकों से संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर व्यक्तिगत सुनवाई की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन नियमितीकरण पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।
संगठन ने सरकार से लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा कर शिक्षकों को उनकी सेवा स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी देने की मांग की है। इस अवसर पर महिला विंग अध्यक्ष मैना यादव, महासचिव रघु वत्स, संयोजक सुभाष रविश, वरिष्ठ उपप्रधान पवन जाखड़, कोषाध्यक्ष गुरुदत्त शास्त्री, सह-कोषाध्यक्ष हरदीप गिल, सचिव विकास रविश और सोशल मीडिया प्रभारी सतीश यादव मौजूद रहे।
मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप झरौली ने बताया कि नियमितीकरण की मांग को लेकर 21 अक्टूबर को सिरसा से न्याय यात्रा शुरू की गई थी। यह यात्रा 25 अक्टूबर को कुरुक्षेत्र पहुंचेगी, जहां प्रदेशभर के अतिथि अध्यापक न्याय रैली में शामिल होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र की रैली के बाद अतिथि अध्यापक न्याय रथ के साथ पैदल मार्च करते हुए चंडीगढ़ पहुंचेंगे और राज्यपाल के समक्ष अपनी मांग रखेंगे। इस अभियान का उद्देश्य अतिथि अध्यापकों की समस्याओं और नियमितीकरण की मांग को सरकार तक पहुंचाना है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा