सोनीपत: निशांत की मौत की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की मांग, सीएम से मिले परिजन

 


सोनीपत, 11 सितंबर (हि.स.)। सोनीपत

के राई स्थित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा के स्विमिंग पूल में 21 मई को छात्र

निशांत गौतम की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों ने शुक्रवार काे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से

मुलाकात कर जांच हरियाणा पुलिस की क्राइम ब्रांच से कराने की मांग की है। परिजनों का

कहना है कि मौत को हादसा मानकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट

में सिर पर गंभीर चोट और दिमाग में रक्तस्राव की बात सामने आई है।

परिजनों

ने मुख्यमंत्री को दिए शिकायत पत्र में बताया कि निशांत की मौत 21 मई 2026 को हुई,

जबकि पुलिस थाना राई में प्राथमिकी 18 जून को दर्ज की गई। उनका कहना है कि 28 दिन बाद

प्राथमिकी दर्ज होने से इस दौरान महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रभावित होने की आशंका है।

इसी आधार पर परिवार ने स्थानीय पुलिस के बजाय क्राइम ब्रांच से जांच कराने की मांग

की है।

परिजनों

के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर 6.5 सेंटीमीटर गुणा 6 सेंटीमीटर का सबगेलियल

हेमेटोमा और दिमाग के फ्रंटल लोब के ऊपर सब-अरैक्नॉयड हेमरेज दर्ज है। परिवार का कहना

है कि ये चोटें मौत की परिस्थितियों पर सवाल खड़े करती हैं। मौत का कारण अभी निर्णायक

रूप से तय नहीं हुआ है और एफएसएल, डायटम टेस्ट तथा हिस्टोपैथोलॉजी की रिपोर्ट लंबित

है। परिवार ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर का सीसीटीवी-डीवीआर

गायब है। उनका कहना है कि इसमें उस रात की महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती थी। परिजनों

ने इसकी भी जांच कराने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि फोरेंसिक रिपोर्ट आने

से पहले पुलिस की स्पेशल इंक्वायरी टीम ने मौत को प्रथम दृष्टया हादसा माना है। इससे

जांच की दिशा को लेकर परिवार की चिंता बढ़ी है। परिवार

ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पुलिस अधिकारी की नीयत पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि निशांत

की मौत की वास्तविक वजह सामने लाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने परिजनों को आश्वासन

देते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब परिवार को उम्मीद है कि मामले की

स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से मौत से जुड़े सभी सवालों के जवाब सामने आएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना