सोनीपत: दीपेंद्र के समर्थन में सासंद ब्रह्मचारी का पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा पर पलटवार

 


सोनीपत, 24 अगस्त (हि.स.)। सिख

दंगों के दोषी सज्जन कुमार के निधन पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा के बयान को लेकर

कांग्रेस में शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष

कुलदीप शर्मा द्वारा दीपेंद्र हुड्डा को कांग्रेस कार्यसमिति से हटाने की मांग किए

जाने पर सोनीपत के कांग्रेस सांसद सतपाल ब्रह्मचारी ने सोमवार को शर्मा पर तीखा पलटवार

किया।

ब्रह्मचारी

ने कुलदीप शर्मा को अहसान फरामोश बताते हुए कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में

सत्ता में महत्वपूर्ण स्थान का आनंद लेने वाले नेता अब राजनीतिक परिस्थितियां देखकर

बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग कल तक हुड्डा परिवार के साथ खड़े थे, वे आज

उनमें कमियां निकाल रहे हैं। सांसद ने दावा किया कि दीपेंद्र हुड्डा देश के ऐसे युवा

नेताओं में हैं, जो 36 बिरादरी, किसानों, मजदूरों और युवाओं के रोजगार के मुद्दों को

लेकर लगातार जमीन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुलदीप शर्मा लोकसभा चुनाव में

हार का रिकॉर्ड बनाने के बाद भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग से गन्नौर से विधायक

बने और उन्हें सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली।

ब्रह्मचारी

ने कहा कि कुलदीप शर्मा के परिवार का सिख समाज से पुराना जुड़ाव रहा है। उनके परिवार

के बुजुर्गों ने सिखों के अधिकार और सम्मान के लिए काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि

राजनीतिक स्वार्थ के कारण शर्मा इस विरासत को भूल रहे हैं। सांसद ने कहा कि कुलदीप

शर्मा को घर से लाकर चुनाव लड़ाया गया था। उन्होंने दावा किया कि रोहतक, सोनीपत, जींद

और करनाल जैसे क्षेत्रों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग के बिना राजनीतिक पहचान

और चुनावी सफलता हासिल करना आसान नहीं है।

ब्रह्मचारी

ने वर्ष 2002 में सीबीआई की रिपोर्ट आने के बाद वर्ष 2011 में कुलदीप शर्मा द्वारा

सज्जन कुमार को पारिवारिक समारोह में बुलाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सज्जन

कुमार को सरकारी आवास पर ठहराया गया और सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया था। ब्रह्मचारी

ने कहा कि जो लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम पर बयानबाजी कर दीपेंद्र हुड्डा

को निशाना बनाना राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना