सोनीपत के युवक की नीदरलैंड में मौत, शव विदेश में फंसा

 


सोनीपत, 04 अप्रैल (हि.स.)। सोनीपत

जिले के गांव मोई माजरी निवासी 23 वर्षीय युवक सागर राणा की नीदरलैंड में पेड़ काटते

समय हादसे में मौत हो गई। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए 25 लाख रुपये का कर्ज लिया

था। अब आर्थिक तंगी के कारण परिवार पार्थिव शरीर भारत नहीं ला पा रहा और सरकार से मदद

की गुहार लगा रहा है।

परिजनों

के अनुसार सागर 24 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर फ्रांस गया था। परिवार को उम्मीद

थी कि वह विदेश में रोजगार पाकर घर की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। कुछ समय पेरिस में

रहने के बाद वह जनवरी 2026 में नीदरलैंड चला गया, जहां करीब दो महीने तक उसे काम नहीं

मिला। लगातार प्रयास के बाद करीब 15 दिन पहले उसे एक स्थानीय व्यक्ति के घर पेड़ काटने

का काम मिला।

परिवार

का आरोप है कि 20 और 21 मार्च को छुट्टी के दौरान उसे पेड़ काटने के लिए बुलाया गया

था, लेकिन काम के दौरान कोई सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं

किया गया। कटान के समय अचानक पेड़ उसकी ओर गिरने लगा। वह सीढ़ी पर खड़ा था और पेड़

गिरते ही सीढ़ी उलझ गई, जिससे वह संतुलन खोकर पीछे जमीन पर गिर पड़ा। गिरने से सिर

में गंभीर चोट लगी और नाक तथा कान से खून बहने लगा। हादसे के बाद उसे तुरंत अस्पताल

में भर्ती कराया गया, जहां चार दिन तक इलाज चलता रहा। 25 मार्च को इलाज के दौरान उसकी

मौत हो गई। इसकी सूचना फोन पर परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में शोक छा गया।

कमल

राणा ने बताया कि परिवार के पास केवल एक बीघा जमीन है और कोई स्थायी आय नहीं है। परिवार

किराये के मकान में रह रहा है और घर की जिम्मेदारी किराये की गाड़ी चलाकर निभाई जाती

है। सागर ने 12वीं की पढ़ाई कसांडी गांव से पूरी की थी और विदेश जाकर कर्ज उतारने तथा

घर बनाने का सपना देखा था।

जिला

प्रशासन ने बताया कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से संपर्क किया गया है। पार्थिव

शरीर भारत लाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों

का कहना है कि परिवार को हर संभव सहायता देने के लिए कार्रवाई जारी है। परिवार ने सरकार

से आर्थिक मदद और शव को जल्द भारत लाने की अपील की है ताकि अंतिम संस्कार अपने गांव

में किया जा सके।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना