यूटयूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत पर हाईकाेर्ट में फैसला सुरक्षित
चंडीगढ़, 27 फ़रवरी (हि.स.)। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चर्चा में आई हिसार की यूटयूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। पाकिस्तान के लिए जासूसी गतिविधियों के आरोप में मई 2025 से जेल में बंद ज्योति ने अपनी रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
आज बहस के दौरान ज्योति के वकील रविंद्र सिंह ढुल ने आरोप लगाया कि इस मामले में ज्योति के खिलाफ दर्ज एफआईआर का कोई ठोस आधार नहीं है। ज्योति मई 2025 से न्यायिक हिरासत में हैं। एफआईआर के अनुसार, यह मामला मई 2025 में आई एक इंटेलिजेंस ब्यूरो इनपुट रिपोर्ट से जुड़ा है। आरोप है कि ज्योति मल्होत्रा वर्ष 2023 में पाकिस्तान उच्चायोग, नई दिल्ली, वीज़ा आवेदन के लिए गई थी, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तानी अधिकारी अहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश से हुई। ज्योति पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
याचिका में ज्योति मल्होत्रा ने स्वयं को एक प्रोफेशनल ट्रैवल ब्लॉगर बताते हुए कहा है कि एक ऐसी शख्सियत, जो खुलेआम कैमरा लेकर कंटेंट शूट करती है और सार्वजनिक मंच पर अपलोड करती है, को ‘जासूस’ बताना अंतर्निहित रूप से अविश्वसनीय और निराधार है।
ज्योति की तरफ से दलील है कि आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम की आवश्यक शर्तें जैसे प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करना, स्केच या मॉडल तैयार करना किसी भी प्रकार से पूरी नहीं होतीं। वकील ने हिसार एसपी शशांक कुमार सवान के कथित सार्वजनिक बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि ज्योति के पास किसी सैन्य संवेदनशील या रणनीतिक जानकारी तक पहुंच नहीं पाई गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा