यमुनानगर: सिविल अस्पताल में कौशल कर्मचारियों का बढ़ा आक्रोश
यमुनानगर, 19 जनवरी (हि.स.)। स्थानीय सिविल अस्पताल में कौशल योजना के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को जॉब सिक्योरिटी एक्ट में शामिल न किए जाने और कई कर्मचारियों के नाम सरकारी पोर्टल पर दर्ज न होने के विरोध में साेमवार काे कर्मचारियों ने बैठक कर रोष प्रकट किया। बैठक में अखिल भारतीय स्वास्थ्य कर्मचारी महासंघ (भारतीय मज़दूर संघ से संबद्ध) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय कम्बोज विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले पाँच से दस वर्षों से कौशल योजना के तहत सेवाएँ दे रहे हैं। इनमें एंबुलेंस ड्राइवर, स्वीपर, चपरासी, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि सरकार द्वारा जॉब सिक्योरिटी एक्ट लागू किए जाने के बावजूद न तो सभी पात्र कर्मचारियों के नाम पोर्टल पर दर्ज किए गए हैं और न ही एनएचएम के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों को इस अधिनियम का लाभ दिया जा रहा है, जबकि उनकी नियुक्ति भी कौशल के माध्यम से ही हुई थी।
कर्मचारियों की समस्याएँ सुनने के बाद विजय कम्बोज ने कहा कि यह स्थिति राज्य सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि सरकार यदि कौशल योजना को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती है, तो नीति और व्यवहार में समानता होनी चाहिए। सभी पात्र कर्मचारियों को बिना भेदभाव के पोर्टल पर दर्ज कर जॉब सिक्योरिटी का लाभ दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में लगातार कर्मचारियों से जुड़ी समस्याएँ सामने आ रही हैं और बार-बार अवगत कराने के बावजूद समाधान नहीं किया जा रहा। चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र उचित निर्णय नहीं लिया गया तो सिविल सर्जन के माध्यम से पूरे प्रदेश में ज्ञापन सौंपे जाएंगे। इसके बाद भी समाधान न होने पर भारतीय मज़दूर संघ के नेतृत्व में राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार