महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय कैथल काे नाै माह बाद मिले स्थाई कुलपति
कैथल, 09 जनवरी (हि.स.)। दीन बंधू छाेटू राम विश्वविद्यालय के दाे बार कुलपति रह चुके कर्नल (मानद) प्राेफेसर राजेंद्र कुमार अनायत काे कैथल के महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के नियमित कुलपति की जिम्मेदारी साैंपी गई है। उनकी यह नियुक्ति शुक्रवार हरियाणा के राज्यपाल प्राे. असीम कुमार घाेष ने तीन साल के लिए की है। बता दें कि प्राे.राजेंद्र कुमार अनायत हरियाणा के राज्यपाल के ओएसडी उच्चतर शिक्षा रह चुके हैं। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति का पद प्राे.रमेश चंद्र भारद्वाज की सेवानिवृति के बाद से पिछले लगभग नाै माह से रिक्त था और राेहतक के
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्राे.राजबीर के पास इसका अतिरिक्त कार्यभार था। विश्वविद्यालयके प्रवक्ता डा.गाेविंद बल्लभ ने इसकी पुष्टि की है। कर्नल (मानद) प्राेफेसर राजेंद्र कुमार अनायत ने हरियाणा सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय सोनीपत लगातार दो कार्यकालों 6 जुलाई 2017 से 5 जुलाई 2023 तक कुलपति के रूप में सेवाएं दीं।
22 फरवरी 2020 को भारत सरकार द्वारा उन्हें मानद कर्नल की रैंक प्रदान की गई। इसके उपरांत उनकी अकादमिक, शोध एवं प्रशासनिक क्षेत्र में असाधारण सेवाओं को देखते हुए उन्हें एनसीसी का पूर्णकालिक कर्नल कमांडेंट नियुक्त किया गया, जहाँ उन्होंने अपने कुलपति कार्यकाल की समाप्ति (5 जुलाई 2023) तक जिम्मेदारी निभाई।
वे “न्यू इंडस्ट्रियल कन्वर्जेन्स थ्योरी” के प्रबल समर्थक हैं और शिक्षा, शोध, सेमिनार, सम्मेलन तथा शैक्षणिक-औद्योगिक सहयोगों के लिए देश-विदेश में व्यापक रूप से भ्रमण कर चुके हैं। प्रिंट एवं मीडिया टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वे एक अत्यंत सम्मानित शोधकर्ता और शिक्षाविद् माने जाते हैं।
वैश्विक ग्राफिक आर्ट्स उद्योग में उनके योगदान के लिए प्रिंटिंग इंडस्ट्रीज़ ऑफ अमेरिका ने वर्ष 2011 में शिकागो में उन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान “ग्लोबल अकादमिक एक्सीलेंस अवार्ड” प्रदान किया। इंडियन सोसाइटी ऑफ एनालिटिकल साइंटिस्ट्स ने वर्ष 2015 में उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे