महंगाई के खिलाफ कैथल में सड़कों पर उतरी कांग्रेस,सौंपा ज्ञापन

 


कैथल, 22 मई (हि.स.)। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर शुक्रवार को कैथल में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया। शहर के हरियाणा शहीद स्मारक से शुरू हुआ यह प्रदर्शन जिला सचिवालय तक मार्च के रूप में पहुंचा, जहां जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। विरोध जताने के लिए कुछ कार्यकर्ता रेहड़ी पर गैस सिलेंडर रखकर भी पहुंचे, जिससे महंगाई के मुद्दे को प्रतीकात्मक रूप से उठाया गया।

इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सदस्य रणदीप सुरजेवाला और हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनके साथ राज्यसभा सदस्य कर्मबीर बौद्ध, विधायक आदित्य सुरजेवाला, पूर्व विधायक जसबीर मलौर और अन्य नेता मौजूद रहे।

प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों ने आम जनता और युवाओं को परेशान कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है और रोजगार के अवसर भी सीमित होते जा रहे हैं।

वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हालिया ईंधन मूल्य वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है। सीएनजी और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि से परिवहन, छोटे कारोबार और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईंधन पर भारी टैक्स वसूली से सरकार ने वर्षों में बड़ा राजस्व अर्जित किया है, लेकिन आम जनता को राहत नहीं दी गई। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि हालिया बढ़ोतरी को तुरंत वापस लिया जाए और ईंधन कीमतों को स्थिर रखने के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए।

ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी वापस लेने, सीएनजी दरों में कटौती, एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को कम करने और एक्साइज ड्यूटी घटाने की मांग की गई। साथ ही, महंगाई से प्रभावित किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।

राज्यसभा सदस्य कर्मवीर बौद्ध ने कहा कि भाजपा सरकार ने हरियाणा की जनता को महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक के अंधकार में धकेल दिया है। हरियाणा के स्थानीय युवाओं को नौकरियां न देकर बाहरी राज्यों के युवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

नीट समेत कई परीक्षाओं के पेपर लीक से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और कई मजबूरन आत्महत्या की राह पर जा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे