बंदियों के हुनर को मिला सम्मान, दीपावली प्रदर्शनी में लोगों ने दिखाई रूचि
-हाईकोर्ट के वकीलों ने बंदियों द्वारा तैयार उत्पादों को सराहा
-सजावटी सामान, फर्नीचर व घरेलू वस्तुएं बनीं आकर्षण का केंद्र
चंडीगढ़, 05 नवंबर (हि.स.)। दीपावली के अवसर पर हरियाणा कारागार विभाग द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ के प्रांगण में आयोजित स्टाल को लगातार दूसरे दिन भी लोगों का भरपूर सहयोग मिला। हरियाणा की विभिन्न जेलों में बंद बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को खरीदने के लिए उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने उत्साह दिखाया। उन्होंने बंदियों के हुनर, मेहनत और कला की सराहना करते हुए उनके बनाए सामान की जमकर खरीदारी की।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा ने भी कारागार विभाग द्वारा लगाई गई स्टॉल का निरीक्षण किया। डीएसपी जेल भूपेंद्र सिंह ने उन्हें लगाई गई स्टाल के सामान के बारे में जानकारी दी।
प्रदर्शनी में हरियाणा की विभिन्न जेलों में बंद बंदियों द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई सजावटी वस्तुएं, घरेलू उपयोग का सामान, फर्नीचर, लकड़ी से बनी वस्तुएं, कलात्मक सामान और दीपावली से जुड़ी कई आकर्षक वस्तुएं प्रदर्शित की गईं। इन उत्पादों की सुंदरता, बेहतर बनावट और बारीक कारीगरी ने उच्च न्यायालय के अधिवक्ताओं सहित अन्य लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उच्च न्यायालय के अनेक अधिवक्ताओं ने बंदियों द्वारा तैयार सामान की गुणवत्ता और उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि बंदियों द्वारा इतनी सुंदर और उपयोगी वस्तुएं तैयार करना सराहनीय है।
कारागार विभाग के महानिदेशक ए.एस चावला ने कहा कि प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बंदियों को अपनी कला और हुनर दिखाने के साथ-साथ उनके काम को पहचान दिलाना है। हरियाणा कारागार विभाग द्वारा जेलों में बंद बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अलग-अलग प्रकार के कार्यों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत उन्हें हस्तकला, फर्नीचर निर्माण, सजावटी सामान तैयार करने और अन्य उपयोगी वस्तुएं बनाने जैसे कामों से जोड़ा जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा