पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का दायरा बढ़ाया

 

-आईआरबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा विभाग में भी मिलेगा आरक्षण का लाभ

चंडीगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के निवासी पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड तथा गृह विभाग के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान करने को मंजूरी दी गई।

भारत सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सशस्त्र बलों में अपना कार्यकाल पूरा करने वाले प्रशिक्षित अग्निवीरों को भविष्य में सार्थक रोजगार के अवसर मिलें। यह पहल अग्निपथ योजना के दीर्घकालिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाते हुए उन्हें सरकारी सेवाओं में रोजगार का स्पष्ट अवसर प्रदान करती है। इसी उद्देश्य के अनुरूप हरियाणा सरकार ने सैन्य सेवा पूरी कर लौटने वाले पूर्व अग्निवीरों को प्रत्यक्ष भर्ती में आरक्षण देने के विषय पर विचार किया। इसके बाद राज्य सरकार ने हरियाणा के अधिवासी पूर्व अग्निवीरों को होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया।

इससे पहले हरियाणा सरकार पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘सी’ पदों, जैसे पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में फॉरेस्ट गार्ड, कारागार विभाग में वार्डर तथा खान एवं भू-विज्ञान विभाग में ग्रुप-‘डी’ के माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण प्रदान कर चुकी है। इसके अलावा राज्य सरकार पहले ही पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप-‘बी’ के पदों पर 1 प्रतिशत, ग्रुप-‘सी’ के पदों पर 5 प्रतिशत, पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पदों पर 20 प्रतिशत तथा फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध करवा चुकी है। उल्लेखनीय है कि फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डर और माइनिंग गार्ड के पदों पर आरक्षण को पहले के 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है।

इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने गृह विभाग के अंतर्गत राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी), अग्निशमन सेवा विभाग में फायर ऑपरेटर- कम -ड्राइवर तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों पर भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत होरिजेंटल आरक्षण का लाभ देने का सुझाव दिया। मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ इन सिफारिशों को लागू किया जाएगा।

आईआरबी, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवा विभाग तथा पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण दिए जाने से उन्हें सरकारी रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही, राज्य सरकार उनकी सैन्य सेवा के दौरान अर्जित कौशल और प्रशिक्षण का उपयोग इन विशेषीकृत सेवाओं को और मजबूत बनाने में कर सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा