पहली बार गुरुग्राम में होगी मंत्रिमंडल की बैठक

 

चंडीगढ़, 21 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा में बुधवार को प्रशासनिक कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आमतौर पर मंत्रिमंडल की बैठकें राजधानी चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में की जाती हैं लेकिन 22 अप्रैल को पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक चंडीगढ़ से बाहर गुरुग्राम में होने जा रही है। गुरुग्राम हरियाणा की आर्थिक राजधानी के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। वर्ष 2014 के दौरान सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अपने पहले व दूसरे कार्यकाल के दौरान भी कई तरह के बदलाव के तजुर्बे किए हैं।

बुधवार को गुरुग्राम में होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। चंडीगढ़ से वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मंगलवार को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं। लगभग एक दशक में यह पहला ऐसा मौका होगा जब राज्य की राजधानी चंडीगढ़ के बाहर गुरुग्राम में इस तरह की बैठक होगी। दिल्ली में पहले भी बैठकें हो चुकी हैं। इस कदम को राज्य के भीतर शहर के बढ़ते राजनीतिक और आर्थिक महत्व के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

गुरुग्राम हरियाणा के राजस्व में बड़ा योगदान देता है। मंत्रिमंडल की बैठक का समय भी काफी महत्वपूर्ण है।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक सुबह 9 बजे पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में शुरू होगी। मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे गए इस संदेश में एक सूत्रीय एजेंडा बताया गया है, जिसमें चर्चा के लिए लगभग 12 मुख्य प्रस्तावों पर विचार किए जाने की उम्मीद है।

हरियाणा में मनोहर सरकार के कार्यकाल के दौरान विभिन्न बड़े सरकारी आयोजनों की शुरूआत गुरुग्राम में की गई। राष्ट्रीय निकाय सम्मेलन जैसे बड़े कार्यक्रम भी हरियाणा सरकार की तरफ से गुरुग्राम में आयोजित किए जा चुके हैं, लेकिन कैबिनेट की बैठक गुरुग्राम में होना एक दुर्लभ घटना है। एजेंडे में फिर से शामिल हो सकने वाले मुद्दों में से एक प्रस्ताव पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से जुड़ा है, जिसमें उनके सरकारी आवास के किराए की माफी का मामला शामिल है। गुरुग्राम में होने वाली इस कैबिनेट बैठक में पूरे राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के कार्यों की समीक्षा किए जाने की भी उम्मीद है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा