नई औद्योगिक नीतियों से पांच लाख करोड़ निवेश व 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
सडक़, पेयजल, उद्योग और निवेश से विकास को मिलेगी गति
चंडीगढ़, 17 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार के लगातार तीसरे कार्यकाल के दो वर्ष पूरे होने पर कहा कि एक जून 2026 को मेक इन हरियाणा औद्योगिक नीति-2026 सहित 10 सेक्टोरल नीतियां लागू की गईं। इनके तहत अगले पांच वर्षों में 5 लाख करोड़ रुपये निवेश और 10 लाख रोजगार अवसर सृजित करने का लक्ष्य है। नीति लॉन्च कार्यक्रम में 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश के 123 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए। मुंबई निवेश रोड शो में भी 66 हजार 821 करोड़ रुपये के निवेश से संबंधित 17 समझौते किए गए।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने नई एमएसएमई नीति-2026 भी लागू की है। इसके तहत, सरकार ने 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार, हरियाणा के निर्यात को दोगुणा करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा, प्रदेश के 14 लाख से अधिक छोटे उद्योगों को भी इसका लाभ मिलेगा। सितंबर, 2025 से लागू केंद्रीय जी.एस.टी सुधारों से प्रदेशवासियों को 2 हजार 652 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हांसी को प्रदेश का 23वां जिला बनाया गया है। प्रादेशिक सडक़ उत्थान परियोजना के तहत 4 हजार 827 करोड़ रुपये की लागत से 9 हजार 410 किलोमीटर लंबी 4 हजार 227 सडक़ों की मरम्मत की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 1 हजार 70 करोड़ रुपये की लागत से रेवाड़ी बाइपास और 170 करोड़ रुपये की लागत से पिंजौर बाइपास का निर्माण कराया है। सरकार ने विधानसभा चुनाव-2024 के दौरान अपने घोषणापत्र में प्रदेश में 10 नए आईएमटी स्थापित करने का संकल्प लिया था।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 102 करोड़ रुपये की लागत से 40 नहर आधारित और आठ नलकूप आधारित जलघर स्थापित किए गए। इसी प्रकार, 184 करोड़ रुपये की लागत से 537 नलकूप और 188 बूस्टिंग स्टेशन स्थापित किये गये। उन्होंने कहा कि घरों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए 1 हजार 167 करोड़ रुपये की लागत से 6 हजार 718 किलोमीटर लंबी पाइपलाइनें बिछाई गई। सरकार ने गांवों के विकास में पंचायतों को मजबूत किया है। विभिन्न योजनाओं और वित्त आयोगों के तहत पंचायती राज संस्थाओं के विकास कार्यो के लिए 3 हजार 919 करोड़ रुपये दिये हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने 71 शहरों में 849 नए सेक्टर विकसित करने के लिए 1 लाख 67 हजार एकड़ भूमि की खरीद प्रक्रिया शुरू की है।
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में स्टार्टअप जी.-एस-टी सुविधा प्रकोष्ठ और पंचकूला में एम.एस. एम.ई जी.एस.टी प्रकोष्ठ शुरू किया गया है। प्रदेश के 27 कर-जिलों, 5 रेंज कार्यालयों और मुख्यालय में सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों के दुकानदारों और बूथ आवंटियों के लंबित मामलों के समाधान के लिए विवादों का समाधान योजना लागू की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा