तिब्बत की आजादी की मांग लेकर सोनीपत पहुंची रंगज़ेन पदयात्रा
सोनीपत, 21 सितंबर (हि.स.)। तिब्बत
की पूर्ण आजादी और संप्रभुता की मांग को लेकर धर्मशाला से नई दिल्ली तक निकाली जा रही
रंगज़ेन पदयात्रा सोमवार को सोनीपत पहुंची। पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे युवा साथी तसेरिंग
थारचिन का सोनीपत में विधायक निखिल मदान के कार्यालय पहुंचने पर स्वागत किया गया। विधायक
ने उनकी मांग का समर्थन किया।
तसेरिंग
थारचिन के अनुसार, उन्होंने 20 अगस्त 2026 को धर्मशाला से यह शांतिपूर्ण पदयात्रा शुरू
की थी। इसका उद्देश्य तिब्बत की स्थिति और वहां के लोगों से जुड़े मुद्दों की ओर भारत
सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करना है। यात्रा कांगड़ा, अंब, ऊना, मोहाली,
पंचकूला, चंडीगढ़, अंबाला और करनाल से होते हुए सोनीपत पहुंची है। यहां से यात्रा नई
दिल्ली जाएगी।
थारचिन
ने बताया कि यह यात्रा तिब्बती कार्यकर्ता लॉगा रंगज़ेन और तिब्बत की स्वतंत्रता के
लिए जान गंवाने वाले अन्य लोगों की स्मृति को समर्पित है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार
लॉगा रंगज़ेन ने दो जुलाई 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर आत्मदाह
किया था और बाद में उनकी मौत हो गई थी।
पदयात्रा
के दौरान थारचिन तिब्बत के राजनीतिक अधिकारों के साथ वहां की भाषा, संस्कृति और पर्यावरण
से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं। उनका कहना है कि तिब्बत से जुड़े मुद्दों का असर हिमालयी
क्षेत्र और भारत की सुरक्षा पर भी पड़ता है। उन्होंने भारत सरकार, विभिन्न देशों की
सरकारों, संगठनों और आम लोगों से इन विषयों पर ध्यान देने की अपील की है। विधायक निखिल
मदान की ओर से सोनीपत पहुंचने पर पदयात्री का स्वागत किया गया और उनकी मांग के समर्थन
की बात कही गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना