गुुरुग्राम: प्रदूषण नियंत्रण के लिए ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करना भी महत्वपूर्ण: प्रदीप दहिया
-प्रदूषण नियंत्रण को लेकर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने की समीक्षा बैठक
-सीएक्यूएम एक्शन प्लान के लक्ष्यों की प्रगति पर हुई विस्तृत चर्चा
गुरुग्राम, 17 अगस्त (हि.स.)। शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए किए जा रहे विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा को लेकर सोमवार को नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में जीएमडीए, एमसीजी, एनएचएआई, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के एक्शन प्लान के तहत निर्धारित लक्ष्यों, अब तक की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में वायु गुणवत्ता निगरानी, सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग, पार्किंग, ट्रैफिक डी-कंजेशन, आईटीएमएस, सीएंडडी वेस्ट प्रबंधन, सडक़ विकास, मैकेनिकल रोड स्वीपिंग, एंटी-स्मॉग गन, डस्ट-फ्री रोड, बंधवाड़ी वेस्ट रेमेडिएशन, फ्रेश वेस्ट प्रोसेसिंग और डिजी सेट निरीक्षण सहित 16 प्रमुख बिंदु शामिल रहे।
बैठक में शहर में वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि विकास सदन, गुरुग्राम विश्वविद्यालय सेक्टर-51 और टेरीग्राम में तीन स्टेशन मौजूद हैं, जबकि डब्ल्यूटीपी बसई, केआर मंगलम यूनिवर्सिटी, ताऊ देवीलाल पार्क सेक्टर-22, लेजरवैली पार्क सेक्टर-29 तथा एसजीटी यूनिवर्सिटी में नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके लिए संबंधित एनओसी प्राप्त हो गई है तथा इनका लक्ष्य दिसंबर 2026 रखा गया है। सीएक्यूएम एक्शन प्लान के तहत वर्ष 2026 में 31 हॉटस्पॉट्स पर शॉर्ट-टर्म डी-कंजेशन कार्य प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-48/49/साउथ सिटी-2, सेक्टर-40/45 साइबर पार्क, सेक्टर-4/5 चौक तथा पालम विहार गोल चक्कर, रेजांगला चौक जैसे स्थानों पर कार्यों की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही 2026 के लिए तीन लॉन्ग-टर्म डी-कंजेशन हॉटस्पॉट भी निर्धारित हैं।
आईटीएमएस के दूसरे चरण पर भी चल रहा काम
शहर में यातायात प्रबंधन और निगरानी को बेहतर बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पहले चरण में 218 स्थानों पर 1,200 कैमरे लाइव हैं, जबकि दूसरे चरण में 258 स्थानों पर 2,722 कैमरों का कार्य प्रगति पर है। दूसरे चरण के लिए दिसंबर 2026 लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 10 साइट पर 500 कैमरे लग चुके हैं, जिनमें से 100 कैमरे आईसीसीसी से जोड़े गए हैं। शेष को भी 30 सितंबर तक जोड़ा जाएगा। बैठक में सडक़ की धूल को नियंत्रित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा हुई। गुरुग्राम में मैकेनिकल रोड स्वीपिंग के लिए कुल 404 किलोमीटर सडक़ को विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया गया है। वर्तमान में 20 मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें कार्यरत हैं, जिनकी जीपीएस आधारित ट्रैकिंग के माध्यम से रूट की निगरानी की जा रही है। वर्ष 2026 के डस्ट-फ्री रोड प्लान के तहत प्रत्येक माह निर्धारित सडक़ों को धूल मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर