गुरुग्राम विवि में शुरू हुए सुकून क्लीनिक व शोध केंद्र
-कुलपति ने मनो-सुकून क्लीनिक का शुभारंभ व दो नए शोध केंद्र भी लॉन्चिंग पर कही यह बात
-अनुभवी मनोचिकित्सक और साइकोलॉजिस्ट की टीम सेवा देगी
गुरुग्राम, 30 अक्टूबर (हि.स.)। गुरुग्राम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कौशिक ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में मनो-सुकून मानसिक कल्याण क्लिनिक का औपचारिक उद्घाटन किया। इसी अवसर पर उन्होंने दो महत्वपूर्ण शोध केंद्रों सेंटर फॉर प्रिवेंशन एंड इंटरवेंशन ऑफ सब्स्टेंस एब्यूज (सीआईपीएसए) तथा सेंटर फॉर वुमेन्स हेल्थ एंड वेलबीइंग (सीडब्ल्यूएचडब्ल्यू) का भी शुभारंभ किया।
कुलपति प्रो. संजय कौशिक ने बताया कि मनो-सुकून क्लिनिक का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ाना तथा लोगों को परामर्श, मनोसामाजिक सहायता और नैदानिक सेवाएं प्रदान करना है। यह क्लिनिक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं की शीघ्र पहचान, परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने तथा विश्वविद्यालय समुदाय व आम जनमानस में भावनात्मक कल्याण को बढ़ावा देने पर केंद्रित रहेगा। क्लिनिक में अनुभवी मनोचिकित्सक तथा क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट की टीम सेवाएं प्रदान करेगी। परामर्श लेने के इच्छुक व्यक्ति विश्वविद्यालय की वेबसाइट के माध्यम से देश के अनुभवी मनोचिकित्सकों तथा क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। बीपीएल कार्ड धारकों के साथ-साथ मनोविज्ञान विभाग द्वारा गोद लिए गए दस गांवों और दो झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों के निवासियों को क्लिनिक में नि:शुल्क सेवाएं प्रदान की जाएंगी। मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो.गायत्री रैना ने इस अवसर पर कहा कि मनोवैज्ञानिक समस्याओं और मादक द्रव्यों के सेवन का स्थायी समाधान केवल उपचार तक सीमित नहीं हो सकता। समय पर पहचान, प्रभावी परामर्श, पारिवारिक सहयोग और सामाजिक जागरूकता भी समान रूप से आवश्यक हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर