गुरुग्राम विवि में अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में लगाया वेल बीइंग फेयर

 


कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने किया शुभारम्भ

रील व शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिताओं में भी युवाओं का दमदार प्रदर्शन

गुरुग्राम, 24 फ़रवरी (हि.स.)। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय इंटरनेशनल मेंटल हेल्थ कॉन्फ्लुएंस के तीसरे दिन ‘लवेल बीइंग फेयर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने किया।

फेयर में शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित कुल 21 स्टॉल्स लगाई गईं, जिनमें विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, परामर्श सुविधाओं एवं जागरूकता गतिविधियों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से ‘मनो सुकून क्लिनिक’ के अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित रोगियों को निशुल्क एवं विशेषज्ञ परामर्श प्रदान किया गया, जिसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों ने उठाया। साइकोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न खान-पान की स्टॉल्स लगाईं और आयोजन को उत्साहपूर्ण वातावरण प्रदान किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का प्रभावशाली संदेश दिया।

इस मौके पर कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और तकनीकी युग में मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के आयोजन समाज को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि मनो सुकून क्लिनिक जैसी पहल विश्वविद्यालय की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है, जो विद्यार्थियों और समाज को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील और जागरूक बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वेल बीइंग फेयर जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में नेतृत्व, संवेदनशीलता और सामाजिक सरोकार की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. गायत्री रैना ने बताया कि सम्मेलन के तीसरे दिन रील एवं शॉर्ट फिल्म प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स, गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी एवं मीडिया विभाग के लगभग 120 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर