गुरुग्राम विवि के विद्यार्थी पीजीआईएमएस में कर सकेंगे क्लीनिकल ट्रेनिंग
-गुरुग्राम विश्वविद्यालय एवं यूएचएसआर के बीच हुआ ऐतिहासिक एमओयू
-मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा एमओयू
गुरुग्राम, 04 सितंबर (हि.स.)। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी ने एकेडमिक सहयोग और विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए यूएचएसआर के साथ एक ऐतिहासिक सांझेदारी की है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ संजय कौशिक की विशेष पहल और मार्गदर्शन में गुरुग्राम विश्वविद्यालय और यूएचएसआर के बीच अकादमिक, क्लीनिकल ट्रेनिंग और रिसर्च सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू से गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के साइकोलॉजी छात्रों को अब क्लीनिकल ट्रेनिंग के लिए किसी दूसरे राज्य में नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें अपने ही प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल विश्वविद्यालय में सीखने का अवसर मिलेगा।
इस एमओयू पर गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि इस ऐतिहासिक समझौते से हमारे विश्वविद्यालय के साइकोलॉजी के छात्रों को प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थान में वास्तविक मरीजों पर काम करने का सुनहरा अवसर मिलेगा, जिससे उनका क्लीनिकल अनुभव और रोजगार की संभावनाएं दोनों कई गुना बढ़ जाएंगी। कुलपति ने बताया कि इस एमओयू के तहत पीजीआईएमएस में गुरूग्राम विश्वविद्यालय के छात्रों को सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, डिप्रेशन, बच्चों और नशे से संबंधित मानसिक बीमारियों के विविध केसों को प्रत्यक्ष रूप से देखने और सीखने का मौका मिलेगा, जो किसी भी किताब से बड़ा अनुभव होगा।
इससे मौके पर पीजीआईएमएस के कुलपति डॉ. एच.के. अग्रवाल ने कहा कि यह एमओयू केवल दो विश्वविद्यालयों के बीच का करार नहीं है, बल्कि हरियाणा में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक दूरगामी कदम है। गुरुग्राम विश्वविद्यालय की डीन प्रो. गायत्री रैना आर्य ने बताया कि इस एमओयू के तहत भविष्य में दोनों विश्वविद्यालय संयुक्त रिसर्च प्रोजेक्ट और कॉन्फ्रेंस भी आयोजित करेंगे। यूएचएसआर की ओर से कुलसचिव डॉ. रूप सिंह, पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. एस.के. सिंघल, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. एम वशिष्ठ सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर