गुरुग्राम में जलभराव की समस्या के समाधान खोजने का आईआईटी गांधीनगर को मिला जिम्मा

 


-गुरुग्राम निगमायुक्त के साथ हुई वर्चुअल बैठक

गुरुग्राम, 25 अगस्त (हि.स.)। शहर में जलभराव से हो रही सरकार की किरकिरी, विकास कार्यों पर उठ रहे सवालों के बीच अब यहां आईआईटी गांधीनगर की टीम जलभराव के समाधान खोजने पहुंचेगी। मंगलवार को निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने टीम के साथ वर्चुअली बैठक करके इस पर चर्चा की।

आईआईटी गांधीनगर के प्रो. उदित भाटिया और प्रो. विवेक कपाडिय़ा के साथ निगमायुक्त की ओर से वर्चुअली बैठक की गई। बैठक में शहर के प्रमुख जलभराव संभावित क्षेत्रों के लिए स्थाई एवं प्रभावी समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में एमसीजी व जीएमडीए के वरिष्ठ अधिकारी और पार्षदगण उपस्थित रहे। बैठक में सुभाष चौक, राजीव चौक, मेदांता अंडरपास और शीतला माता रोड पर जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए तकनीकी विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया। इन क्षेत्रों में बारिश के पानी के प्रभावी प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्थाएं विकसित करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान इन क्षेत्रों में 48 लीटर प्रति सेकंड से 80 लीटर प्रति सेकंड क्षमता के वाटर इंजेक्शन वेल स्थापित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई।

इसके साथ ही अंडरग्राउंड वाटर स्टोरेज टैंक बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इन प्रस्तावित व्यवस्थाओं का उद्देश्य बारिश के दौरान पानी के बेहतर प्रबंधन, संग्रहण एवं निकासी को मजबूत करना तथा संवेदनशील क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को प्रभावी रूप से हल करना है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बैठक में प्रस्तावित कार्यों को आगे बढ़ाते हुए इनके लिए एक वर्ष की समय-सीमा निर्धारित कर कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों एवं संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ये व्यवस्थाएं होने वाली बरसात से तीन गुणा अधिक होंगी।

तकनीक आधारित होना चाहिए स्थायी समाधान

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि गुरुग्राम जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में जलभराव की समस्या का समाधान केवल तत्काल पंपिंग अथवा जलनिकासी तक सीमित न रहकर स्थायी एवं तकनीक आधारित होना चाहिए। निगमायुक्त ने कहा कि मौजूदा जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आधुनिक जल प्रबंधन तकनीकों को अपनाकर संवेदनशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जाएगा। इससे जलभराव का स्थाई समाधान होने के साथ ही ग्राउंड वाटर रिचार्ज होगा और ड्रेनेज पर दबाव भी कम होगा। बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका व रविन्द्र यादव, पार्षद विकास यादव, कुलदीप यादव व अनूप सिंह, कार्यकारी अभियंता तुषार यादव व विक्रम कलकल, सहायक अभियंता सुनील सैनी व कनिष्ठ अभियंता प्रियदीप सोनी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर