गुरुग्राम: मनोरंजन के नाम पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं: उषा प्रियदर्शी

 


-अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर महिलाओं को मजाक का पात्र बनाना सही नहीं

-हरियाणा महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष ने कही यह बात

-गुरुग्राम में उषा प्रियदर्शी को बधाई देने व स्वागत करने वालों की लगी भीड़

गुरुग्राम, 13 जून (हि.स.)। हरियाणा महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष उषा प्रियदर्शी ने कहा कि मनोरंजन के नाम पर और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महिलाओं को मजाक का पात्र बनाना भी सही नहीं है। यह बात उन्होंने शनिवार को यहां अपने कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान कलाकारों, गायकों, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को चेतावनी देते हुए कही।

गुरुग्राम में हाल ही में सामने आए 370 बिरयानी विवाद पर उषा प्रियदर्शनी ने तेवर दिखाए। सोशल मीडिया पर एक स्टैंड-अप कॉमेडियन के विवादित वीडियो से उपजे विवाद में उषा प्रियदर्शी ने चिंता जाहिर की। उन्होंने वीडियो और शोज में दिखाए जाने वाले डिस्क्लेमर पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि वीडियो की शुरुआत में यह डिस्क्लेमर डाल देना कि यह केवल मनोरंजन के लिए है तो कुछ भी किया जा सकता है। ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिस्क्लेमर डाल देने मात्र से कलाकार अपने आपत्तिजनक और गरिमाहीन बयानों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। कला के नाम पर अश्लीलता और अपमान परोसने की इजाजत किसी को नहीं है।

उषा प्रियदर्शी ने भारतीय संस्कृति को रेखांकित करते हुए समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाएं देवी, दुर्गा और मां का रूप हैं। उनका अपमान करने वाली मानसिकता को किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। हरियाणा महिला आयोग अब ऐसे कॉमेडियन, गायक और फिल्मकारों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगा जो समाज की इस मर्यादा को ठेस पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह चेतावनी केवल स्टैंड-अप कॉमेडी तक सीमित नहीं है। उन्होंने हरियाणवी गायकों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी केंद्र में लिया। उन्होंने कहा कि गानों और रील्स के जरिए समाज में नकारात्मकता और महिलाओं के प्रति गलत संदेश भेजने वाले कलाकारों पर अंकुश लगाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि गुरुग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों में स्टैंड-अप कॉमेडी शो आयोजित करने वाले आयोजकों के साथ आयोग जल्द ही एक विशेष बैठक करेगा, जिसमें गाइडलाइंस तय की जाएंगी। पहले कलाकारों और आयोजकों से संवाद कर उन्हें आगाह किया जाएगा। यदि समझाने और आगाह करने के बाद भी कलाकारों के रवैये में सुधार नहीं आता है तो आयोग कानून के तहत उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / ईश्वर