कैथल: सोमनाथ स्वाभिमान पर्व: भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की गूंज
कैथल, 11 मई (हि.स.)। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जिले में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। एक और ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित हुआ, वहीं शहर में भव्य कलश यात्रा निकालकर आस्था का प्रदर्शन किया गया। ग्यारह रूद्री मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है, जो 11 जनवरी 2027 तक चलेगा और नई पीढ़ी को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगा।
कार्यक्रम में डीसी अपराजिता, पूर्व मंत्री कमलेश ढांडा, जिला परिषद चेयरमैन सुरभि गर्ग सहित अनेक जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर से तथा नायब सिंह सैनी के पिहोवा से लाइव संबोधन का प्रसारण भी किया गया। विधायक जांबा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है और यह स्थान भारत की आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण की जीवंत मिसाल है। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा मंदिर के पुनर्निर्माण के संकल्प और डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा 1951 में इसके उद्घाटन का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्र के गौरव से जोड़ा।
इसी क्रम में शहर में भव्य कलश यात्रा भी निकाली गई, जिसे भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा में महिलाओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया और पूरे मार्ग पर भक्ति व उत्साह का माहौल बना रहा। पूरे आयोजन में श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखने को मिला, जहां एक ओर धार्मिक अनुष्ठानों ने आस्था को मजबूत किया, वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कलश यात्रा ने समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे