कैथल: शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता वाले 35 स्कूलों काे घाेषित किया अवैध

 

कैथल, 26 मार्च (हि.स.)। जिला शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता और अनुमति के संचालित हो रहे निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए 35 स्कूलों की सूची जारी की है। जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष ने निदेशालय के निर्देशों के तहत इन स्कूलों को अवैध घोषित किया है और अभिभावकों से सतर्क रहने की अपील की है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य जोखिम में पड़ सकता है, क्योंकि इन संस्थानों की मान्यता नहीं होने के चलते उनके शैक्षणिक प्रमाणपत्र मान्य नहीं होंगे। ऐसे में यदि अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में करवाते हैं, तो इसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।

आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों के नाम सार्वजनिक किए हैं। सूची में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के स्कूल शामिल हैं, जिनमें सरस्वती विद्या मंदिर, शहीद भगत सिंह पब्लिक स्कूल (खेड़ी लांबा), गीता विद्या मंदिर काैलेखां, गुरु द्रोणाचार्य पब्लिक स्कूल कैलरम, एसवीएन स्कूल (खरक पांडवा), गीता मॉडल स्कूल (वजीर नगर), सरस्वती पब्लिक स्कूल (चांदना), शहीद उधम सिंह स्कूल भुसला, गीता निकेतन पब्लिक स्कूल भूना, स्विफ्ट इंटरनेशनल स्कूल (क्योड़क), शिक्षा पब्लिक स्कूल (ग्योंग), एसडी मॉडर्न स्कूल (बात्ता), गीतांजलि पब्लिक स्कूल (करोड़ा), गीता मनोहर पब्लिक स्कूल नंदकरण माजरा, टुगेदर वी स्कूल (सेरधा), सरस्वती विद्या मंदिर (थेह बुटाना), नवज्योति पब्लिक स्कूल (चुड़माजरा), ग्रीन वे पब्लिक स्कूल (संगतपुरा), शहीद भगत सिंह स्कूल व आदर्श पब्लिक स्कूल (बरटा), नव जीवन पब्लिक स्कूल, शहीद भगत सिंह स्कूल और मदर प्राइड पब्लिक स्कूल (धनौरी), किड्स ज़ोन (चंदाना), शिव पब्लिक स्कूल (कुराड़), चौधरी देवी लाल स्कूल (बालू), एसके ग्लोबल एकेडमी (करनाल रोड, कैथल), चाणक्य पब्लिक स्कूल कमालपुर, हरियाणा पब्लिक स्कूल ढूंढवा, आरएस पब्लिक स्कूल कलायत, एसवीएन ग्लोबल स्कूल (खेड़ी लांबा), सरस्वती मिडिल स्कूल बडसिकरी, ज्ञानदीप विद्या मंदिर खेड़ी शेरखां, ब्राइट बिगिनिंग पब्लिक स्कूल (धनौरी) तथा हर-हर महादेव स्कूल किच्छाना शामिल हैं।

शिक्षा विभाग ने बताया कि सूची में शामिल कुछ स्कूलों को ‘बंद’ श्रेणी में भी रखा गया है, जिनकी जांच पहले ही पूरी हो चुकी है। इन सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही करवाएं। साथ ही, यदि कहीं भी अवैध रूप से स्कूल संचालित होने की जानकारी मिले तो तुरंत शिक्षा विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे