कैथल में लगी हरियाणवी कलाकाराें की खुली बाेली, एक दूसरे काे खरीदा
कलाकार क्रिकेट लीग का होगा आयोजन
कैथल, 22 मार्च (हि.स.)। हरियाणा गीत-संगीत इंडस्ट्री के कलाकाराें की रविवार काे कैथल में खुली बाेली लगी। काेई एक लाख प्वाइंट में बिका ताे काेई 12 लाख प्वाइंट्स में। खरीदने वाले भी कलाकार थे और बिकने वाले भी। अंबाला राेड स्थित हारट्राेन एडवांस्ट स्किल सेंटर में कलाकाराें की यह खुली नीलामी रखी गई थी। दरअसल हरियाणवी कलाकाराें की यह बोली आईपीएल की तर्ज पर हाेने वाले कलाकार क्रिकेट लीग यानी केसीएल के लिए हुई।
सात अप्रैल से दस अप्रैल तक कैथल की एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी में यह क्रिकेट लीग हाेने जा रही है। इसके लिए चार टीमें हाेंगी, जिनमें खिलाड़ियाें के रूप में कलाकाराें का चयन बाेली के जरिए किया गया। टीमाें के नाम यंग याेद्धा, सुरीले सूरमा, मस्त कलंदर और वीर वाॅरियर्स रखे गए हैं। यंग याेद्धा के कप्तान मशहूर गायक सुरेंद्र राेमियाे हैं ताे सुरीले सूरमा के कप्तान अमित ढुल। मस्त कलंदर टीम की कप्तानी मनजीत पांचाल के कंधाें पर है ताे वीर वाॅरियर्स की कमाल यूके हरियाणवी संभाल रहे हैं। इन चाराें कप्तानाें ने अपनी-अपनी टीम के लिए खिलाड़ियाें की बाेली लगाई। प्रत्येक टीम के लिए 13-13 खिलाड़ियाें का चयन ड्रा के माध्यम से सामने आए नामाें पर बाेली लगा कर किया गया। केसीएल के डायरेक्टर डा. बलविंद्र ढुल भी इस दाैरान माैजूद रहे। केसीएल का यह दूसरा सीजन हाेगा, लेकिन हरियाणा में यह पहली बार हाेने जा रहा है। पहला सीजन पिछले वर्ष राजस्थान के झुंझनू में आयाेजित किया गया था। तरुण जाट सबसे महंगे में बिकेबाेली में शामिल सभी टीमाें के कप्तानाें काे 30-30 लाख प्वाइंट्स दिए गए थे। इनकी प्वाइंट्स में उन्हें पूरी टीम तैयार करनी थी। इस बाेली में कलाकार तरूण जाट सबसे महंगे बिके। उन्हें सुरीले सूरमा के कप्तान अमित ढुल ने 12 लाख प्वाइंट्स में खरीदा। राेचक पहलू यह है कि इस केसीएल में यंगयाेद्धाकेकप्तान सुरेंद्र राेमियाे और उनके बेटे आशु एक ही टीम में खेलेंगे। सुरेंद्र ने दाे लाख 70 हजार प्वाइंट्स में आशु काे अपनी टीम में शामिल किया।
केसीएल का मकसद सिर्फ मेलजाेलकेसीएल के संस्थापक अमित ढुल, अजीत घणघस, डायरेक्टर डा. बलविंद्र ढुल व कलाकाराें ने बाेली प्रक्रियाा के बाद पत्रकाराें से बातचीत में बताया कि इस क्रिकेट का मकसद हरियाणवी कलाकाराें में आपसी मेलजाेल काे बढ़ावा देना है। इसी अवधारणा के साथ लीग की शुरुआत की गई है। उन्हाेंने कहा कि कलाकार साल भर अपने काम में व्यस्त रहते हैं। एक-दूसरे से मिलना नहीं हाे पाता। कई कलाकार ताे सालाें-साल नहीं मिल पाते हैं। एक ही इंडस्ट्री में एक जैसा काम करने के बावजूद गलतफहमियां भी पैदा हाे जाती हैं। कलाकाराें में आपसी साैहार्द और मेलजाेल बना रहे, इसी उद्देश्य से क्रिकेट लीग बनाया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे