कैथल में गेहूं सीजन के बीच फायर कर्मियों की हड़ताल बढ़ी, आगजनी की घटनाओं से बढ़ी चिंता

 


कैथल, 16 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के कैथल जिले में गेहूं के सीजन के दौरान लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं के बीच फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। फायर कर्मियों ने अपनी हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाने की घोषणा कर दी है, जिससे जिला स्तर पर आपात सेवाओं पर असर पड़ रहा है और आमजन व किसानों की चिंता बढ़ गई है।

मौजूदा समय में खेतों और मंडियों में सूखी फसल के कारण आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे संवेदनशील समय में फायर ब्रिगेड सेवाओं का प्रभावित होना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालात को संभालने के लिए रोडवेज विभाग के कर्मचारियों से फायर ब्रिगेड की गाड़ियों पर काम लिया जा रहा है, लेकिन प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण राहत कार्यों की गति प्रभावित हो रही है।

फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सीणंद, विक्रम, रोहताश और सुरेंद्र ने बताया कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो हड़ताल को और आगे बढ़ाया जाएगा। यूनियन नेताओं ने साफ कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की जन-धन हानि की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

शहीद फायर कर्मियों के परिवारों को न्याय की मांग

यूनियन ने 16 फरवरी को फरीदाबाद के सेक्टर-24 स्थित शिव स्टील और कालकाजी लुब्रिकेंट फैक्ट्री में लगी भीषण आग का मुद्दा भी उठाया। इस हादसे में आग बुझाने के दौरान केमिकल ड्रम में हुए विस्फोट से दो फायर कर्मी—भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह—गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनकी बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।

यूनियन का आरोप है कि सरकार ने शहीद फायर कर्मियों के परिवारों को अब तक न तो पर्याप्त आर्थिक सहायता दी है और न ही संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा और न्याय दिलाने की मांग दोहराई है।

गेहूं सीजन के दौरान आग की बढ़ती घटनाओं के बीच फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे