कैथल : महिलाओं को सम्मानजनक व सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन करें : डीसी अपराजिता

 


कैथल, 03 मार्च (हि.स.)। डीसी अपराजिता ने कहा है कि सभी विभागों में महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन किया जाएगा। यदि किसी महिला को परेशानी है तो इन समितियों के माध्यम से उसकी सुनवाई की जाएगी। इसके लिए सभी विभागों एवं संस्थानों में महिला यौन उत्पीड़न समितियों का गठन किया जाना है। इस समिति का उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण प्रदान करना है। प्रत्येक संस्थान का दायित्व है कि वह इस समिति का गठन करें और कानून की पालना सुनिश्चित करें।

डीसी अपराजिता ने मंगलवार काे कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध ओर निवारण के लिए दी सेक्सुअल हरासमेंट ऑफ वुमैन एट वर्क प्लेस एक्ट लागू है। इस कानून के तहत प्रत्येक सरकारी, निजी संस्था, विद्यालय, कॉलेज एवं कार्यालय में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। डीसी ने कहा कि इस समिति का उद्देश्य महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण प्रदान करना, यौन उत्पीड़न की शिकायतों की निष्पक्ष जांच, समयबद्ध कार्रवाई और समाधान सुनिश्चित करना है। डीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक खंड, तहसील, शहरी क्षेत्र में प्रत्येक नगरपालिका वार्ड में पीओएसएच अधिनियम 2013 की धारा 6 (2) के अनुसार एक नोडल अधिकारी नियुक्त करें। नामित नोडल अधिकारी शिकायतों को प्राप्त करने और निर्धारित समय के भीतर संबंधित स्थानीय समिति को अग्रेषित करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इससे संबंधित डाटा सी-बॉक्स पोर्टल पर अपलोड करें।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे