कैथल : पूर्व सैनिक हवलदार ओमप्रकाश पंचतत्व में विलीन

 


कैथल, 07 मार्च (हि.स.)। जिले के गांव नरड़ निवासी भारतीय सेना के पूर्व सैनिक हवलदार ओमप्रकाश चहल का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने बीती रात अंतिम सांस ली। शनिवार को गांव नरड़ में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनका पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया।

हवलदार ओमप्रकाश चहल भारतीय सेना की इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिकल इंजीनियर कोर (ईएमई) में सेवाएं दे चुके थे। उन्होंने अपने सैन्य जीवन के दौरान भारत-चीन और भारत-पाक युद्धों के समय देश की सेवा की तथा अपनी कलर सर्विस पूरी की। सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने राज्य सरकार में रहकर समाज सेवा का कार्य जारी रखा।

पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल को जैसे ही उनके निधन की सूचना मिली तो एसोसिएशन के सदस्य परंपरा के अनुसार उनके पैतृक गांव नरड़ स्थित निवास पर पहुंचे। इस दौरान कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, सार्जेंट महावीर रविश, सार्जेंट अर्जुन ढुल, कैप्टन बलजीत मोर, सूबेदार रामचंद्र मलिक, सूबेदार राम सिंह चहल तथा रिसालदार कर्मवीर भाल सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी के नेतृत्व में पार्थिव शरीर पर तिरंगा ओढ़ाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शव यात्रा में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, ग्रामीण और परिजन शामिल हुए। श्मशान घाट पहुंचने पर पूर्व सैनिकों व गणमान्य लोगों ने पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर सूबेदार मेजर आरके मुदगिल, सूबेदार उदयभान शर्मा, इंस्पेक्टर सोमदत्त शर्मा, सूबेदार धर्मवीर ढुल, सूबेदार रामपाल, सूबेदार रामनिवास जांगड़ा, हवलदार धूप सिंह, हवलदार बलवंत सिंह, हवलदार भूप सिंह तथा हवलदार शीशपाल माजरा सहित आसपास के गांवों से आए पूर्व सैनिक मौजूद रहे।

एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी ने तिरंगा उनके भतीजे धर्मपाल को सौंपते हुए कहा कि यह तिरंगा परिवार को हमेशा यह याद दिलाता रहेगा कि उनके परिवार के सदस्य ने देश की सेवा की है और इससे परिवार में देशभक्ति की भावना हमेशा बनी रहेगी। अंतिम संस्कार की रस्म उनके पौते रवि कुमार ने मुखाग्नि देकर पूरी की। इसके बाद एसोसिएशन के सदस्यों ने दिवंगत सैनिक की 81 वर्षीय धर्मपत्नी सुनहरी देवी से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे