कैथल: डीएसपी पर आरोप लगाने वाला हेड कांस्टेबल सुनील संधू बर्खास्त

 


कैथल, 28 फ़रवरी (हि.स.)। कैथल में पुलिस विभाग से जुड़ा विवाद अब बड़े प्रशासनिक फैसले तक पहुंच गया है। हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को आखिरकार सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में सोशल मीडिया पोस्ट, विभागीय अनुशासन और नशा मुक्ति अभियान से जुड़े वीडियो प्रमुख कारण बने।

दरअसल, 23 फरवरी को हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए कलायत के डीएसपी ललित यादव पर गंभीर आरोप लगाए थे। संधू ने दावा किया था कि उन्हें झूठे नशे के मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इस पोस्ट के सार्वजनिक होते ही पुलिस विभाग में हलचल मच गई थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी उपासना सिंह ने इसकी जांच गुहला के डीएसपी कुलदीप बेनीवाल को सौंपी थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संधू ने विभागीय प्रक्रिया का पालन नहीं किया और अपनी शिकायत उच्च अधिकारियों को देने के बजाय सोशल मीडिया का सहारा लिया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक पोस्ट से विभाग की छवि प्रभावित होती है।

इस विवाद के बाद दो दिन पूर्व ही सुनील संधू सहित नशा मुक्ति टीम के कुल 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था। जिला पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि टीम के सदस्यों ने अनुशासन और सेवा नियमों का पालन नहीं किया।

जांच में यह भी सामने आया कि सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान आरोपियों को नशे के साथ पकड़ने के वीडियो अपने निजी सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा करते थे। विभागीय नियमों के अनुसार ऐसी कार्रवाई की तस्वीरें या वीडियो सार्वजनिक करना प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे कानूनी प्रक्रिया और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।

एसपी उपासना सिंह ने शनिवार को पुष्टि करते हुए बताया कि हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को अनुशासनहीनता और विभागीय नियमों के उल्लंघन के चलते बर्खास्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में सख्त संदेश गया है कि विभागीय शिकायतों के समाधान के लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करना होगा और सोशल मीडिया का दुरुपयोग गंभीर परिणाम ला सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे