कैथल: जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन के लिए खर्च हाेंगे कराेड़ाें
कैथल, 16 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के अध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमच ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले एक दशक से जल संरक्षण और नदियों के पुनर्जीवन को लेकर गंभीरता से काम कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वर्तमान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में जल प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि कैथल जिले के लिए तीन महत्वपूर्ण परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जो क्षेत्र में जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करेंगी। वे
गुरुवार काे सिंचाई विभाग के विश्राम गृह में पत्रकाराें से बातचीत कर रहे थे। किरमच ने कहा कि वर्ष 2015 में गठित सरस्वती हेरिटेज डेवलपमेंट बोर्ड के माध्यम से प्राचीन सरस्वती नदी के पुनरुद्धार के साथ-साथ वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर सुधार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहली प्रमुख परियोजना हांसी-बुटाना नहर के पुनरुद्धार की है। इस परियोजना के तहत अजीमगढ़ (घग्घर नदी) से शुरू होकर लगभग 109 किलोमीटर लंबाई में नहर को पुनर्जीवित किया जाएगा। करीब 15 करोड़ रुपये की इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, साथ ही भूजल स्तर में सुधार और बाढ़ नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
दूसरी परियोजना के तहत प्रेमपुरा से घोघटक तक सरस्वती नदी पर रिजर्वोयर का निर्माण किया जाएगा। पंजाब सीमा तक लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में जलाशय विकसित किया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 28 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि बोर्ड अब तक लगभग 20 रिजर्वोयर बना चुका है, जिससे कुरुक्षेत्र क्षेत्र में भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
तीसरी परियोजना स्योंसर जंगल क्षेत्र में सरस्वती नदी के एक हिस्से के पुनर्जीवन से संबंधित है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से आठ-नाै किलोमीटर क्षेत्र में नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और वन्य जीवों को पानी उपलब्ध होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे