कैथल : गेहूं खरीद नीति के नए नियमों के विरोध में किसानों का प्रदर्शन
कैथल, 02 अप्रैल (हि.स.)। शहर में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धपुर) के बैनर तले जिले भर से आए किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों ने सरकार की गेहूं खरीद नीति के नए दिशा-निर्देशों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
प्रदर्शन से पहले सैकड़ों किसान गुरुवार सुबह लघु सचिवालय परिसर के पार्क में एकत्रित हुए। इसके बाद सभी किसान एकजुट होकर रैली के रूप में डीसी कार्यालय के बाहर पहुंचे और सरकार के नाम डीसी अपराजिता काे ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि नए नियम उनकी समस्याएं बढ़ाने वाले हैं और फसल बेचने में अनावश्यक बाधाएं पैदा करेंगे।
भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धपुर) के प्रधान होशियार गिल प्योदा ने कहा कि इस बार सरकार ने गेहूं खरीद प्रक्रिया में ट्रैक्टर की एंट्री, बायोमेट्रिक सत्यापन और गेट पास प्रणाली लागू की है। यह प्रक्रिया काफी जटिल और समय लेने वाली है, जिससे किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे मंडियों के बाहर लंबी कतारें लगेंगी और सड़कों पर जाम की स्थिति बनेगी।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि जो किसान किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आते हैं, उन्हें ज्यादा समय तक मंडी में खड़े रहने के कारण दोगुना किराया देना पड़ेगा, जिससे उनकी लागत और बढ़ जाएगी।
मंडी समय सीमित करने पर भी नाराजगी
किसानों ने मंडियों का समय सुबह छह बजे से रात आठ बजे तक सीमित रखने के फैसले पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गेहूं सीजन के दौरान 24 घंटे गेट पास जारी किए जाने चाहिए ताकि फसल की निर्बाध आवक और बिक्री सुनिश्चित हो सके। किसानों ने उठान प्रक्रिया को तेज करने की भी मांग की, जिससे मंडियों में भीड़भाड़ कम हो सके। किसान नेताओं होशियार गिल, रमेश और बलवान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे