कैथल: कुत्तों के काटने पर 13 पीड़ितों को मुआवजा देगी सरकार

 


कैथल, 03 जून (हि.स.)। जिला मुख्यालय पर आयोजित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक में दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत आए मामलों पर सुनवाई करते हुए 13 पीड़ितों को मुआवजा देने की मंजूरी दी गई। इनमें 12 मामले कुत्तों के काटने के हैं, जबकि एक मामला बेसहारा पशु के हमले से घायल व्यक्ति से जुड़ा है।

बैठक की अध्यक्षता एडीसी डॉ. सुशील कुमार ने की। इस दौरान कुल 30 आवेदनों पर विचार किया गया, जिनमें से 13 को मंजूरी दी गई। एक मामले में विभागीय मुख्यालय से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया गया, जबकि 16 आवेदन निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने के कारण खारिज कर दिए गए।

बैठक में एडीसी ने कहा कि दयालु-2 योजना सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसके तहत बेसहारा पशुओं के हमले में घायल या मृत व्यक्ति के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों तक योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए और सभी मामलों में निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत सार्वजनिक स्थानों पर गाय, बैल, कुत्ते, नीलगाय, गधे और खच्चर जैसे बेसहारा पशुओं के हमले की स्थिति में सहायता दी जाती है। कुत्ते के काटने के मामलों में प्रति दांत के निशान के आधार पर 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। वहीं, 70 प्रतिशत से कम दिव्यांगता होने पर कर्मचारी क्षतिपूर्ति अधिनियम 1923 के अनुसार आनुपातिक लाभ दिया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का हरियाणा का स्थायी निवासी होना और परिवार पहचान पत्र होना अनिवार्य है। घटना राज्य की सीमा के भीतर हुई होनी चाहिए और 90 दिनों के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना जरूरी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे