कैथल: उपायुक्त ने दिए सजूमा में पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश,अब तक 33 को हेपेटाइटिस व 12 को टाइफाइड
कैथल, 15 जुलाई (हि.स.)। दूषित पेयजल से प्रभावित गांव सजूमा में हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार को उपायुक्त अपराजिता स्वयं गांव पहुंचीं। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र, नहरी पेयजल परियोजना और जलापूर्ति व्यवस्था का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। साथ ही हाल ही में 12 वर्षीय बालिका की मृत्यु पर उसके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी और प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने कहा कि गांव में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए कि नहरी पानी की आपूर्ति के लिए लगी संकरी पाइपलाइन बदलने तथा गांव की पुरानी पेयजल पाइपलाइन के नवीनीकरण का जल्द से जल्द एस्टीमेट तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाए। ग्रामीणों की मांग पर भाखड़ा नहर से पानी लाने की संभावनाओं का तकनीकी अध्ययन (फिजिबिलिटी) कराने के भी निर्देश दिए गए। लंबे समय से बंद पड़े आरओ प्लांट को शीघ्र चालू करने के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
डीसी ने कहा कि दूषित पानी की शिकायतों के बाद जिले में व्यापक स्तर पर जांच अभियान चलाया गया है। अब तक करीब 1500 स्थानों से पानी के नमूने लिए जा चुके हैं और लगातार सैंपलिंग जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी पेयजल पाइपलाइन में लीकेज या अन्य तकनीकी खामियां सामने आएंगी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव में जन स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार तैनात हैं, इसलिए ग्रामीणों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डीसी को बताया कि अब तक 109 लोगों के सैंपल लिए गए हैं, जिनमें 33 मामलों में हेपेटाइटिस-ए और 12 मामलों में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। गांव में 24 घंटे चिकित्सकीय टीम, लैब जांच और एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
इसके बाद डीसी अपराजिता सैनी मोहल्ला निवासी विजय के घर पहुंचीं, जहां हाल ही में उनकी 12 वर्षीय बेटी रितिका की मृत्यु हुई थी। उन्होंने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया और हरसंभव प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया। परिजनों ने बताया कि छह वर्षीय बेटा केशव फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत में सुधार है। ग्रामीणों ने परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी रखी, जिस पर डीसी ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे