अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों की सेवा सुरक्षा कानून की तैयारी तेज

 

-सरकार ने प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों से मांगी रिपोर्ट

चंडीगढ़, 09 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने राज्य के विश्वविद्यालयों में कार्यरत अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रस्तावित 'हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2026' के संबंध में 10 विश्वविद्यालयों से तीन दिन के भीतर विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि देरी होने पर संबंधित कुलसचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जवाब देना होगा।

डीजीएचई द्वारा 8 जुलाई को जारी रिमाइंडर पत्र में विश्वविद्यालयों के कुलसचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तीन दिनों के भीतर आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई तो संबंधित विश्वविद्यालय के कुलसचिव को व्यक्तिगत रूप से डीजीएचई कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी देनी होगी।

उच्चतर शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों से फुल-टाइम एवं पार्ट-टाइम आधार पर कार्यरत अनुबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कुल संख्या, नियमित स्वीकृत पदों का विवरण तथा इन कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा प्रदान किए जाने की स्थिति में राज्य सरकार पर पड़ने वाले वित्तीय भार का आकलन मांगा है।

इसके अतिरिक्त विभाग ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि 50,000 प्रतिमाह से कम वेतन प्राप्त करने वाले विश्वविद्यालयों के शिक्षण कर्मचारी एवं एचकेआरएन कर्मी हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एवं गेस्ट लेक्चरर्स (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 तथा हरियाणा कॉन्ट्रैक्चुअल एम्प्लॉइज (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024 के दायरे में आते हैं या नहीं। इस संबंध में प्रमाणित दस्तावेज तथा विस्तृत औचित्य भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हरियाणा यूनिवर्सिटीज कॉन्ट्रैक्चुअल टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. विजय मलिक ने कहा कि संगठन लंबे समय से मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री तथा उच्च अधिकारियों से लगातार मिलकर विश्वविद्यालयों के अनुबंधित सहायक प्राध्यापकों के लिए जॉब सिक्योरिटी एक्ट बनाए जाने की मांग उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा जारी रिमाइंडर से स्पष्ट है कि सरकार हरियाणा राज्य विश्वविद्यालय अनुबंधित व्याख्याता (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2026 को अंतिम रूप देने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है।

इन विश्वविद्यालयों से मांगी रिपोर्ट

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र।

महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक।

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा।

भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां, सोनीपत।

चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी, भिवानी।

चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद ।

इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय, मीरापुर, रेवाडी।

डॉ. बी.आर. अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, सोनीपत।

गुरुग्राम विश्वविद्यालय, गुरुग्राम।

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत यूनिवर्सिटी, कैथल।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा