हिसार : जंतर-मंतर जाने से पहले अनेक युवा हिरासत में, थाने के बाहर जुटे किसान-सामाजिक संगठन
सुबह चार बजे राजगढ़ रोड पर पुलिस ने रोका, नौ घंटे बाद छोड़ा
हिरासत के विरोध में युवाओं ने किया हंगामा, संगठनों ने थाने पहुंचकर जताया
रोष
हिसार, 02 अक्टूबर (हि.स.)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश
कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे हिसार के लगभग
दो दर्जन से अधिक युवाओं को पुलिस ने शुक्रवार तड़के राजगढ़ रोड पर रोककर हिरासत में
ले लिया। पुलिस सभी युवाओं को सिविल लाइन थाना ले गई। युवाओं को हिरासत में लिए जाने
की सूचना मिलते ही किसान और सामाजिक संगठनों के लोग थाने पहुंच गए और उन्हें तुरंत
रिहा करने की मांग को लेकर रोष जताया। करीब नौ घंटे बाद पुलिस ने सभी 28 युवाओं को
छोड़ दिया।
जानकारी के अनुसार अलग-अलग संगठनों से जुड़े युवा दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन
में शामिल होने के लिए शुक्रवार तड़के हिसार से रवाना हुए थे। पुलिस को उनके दिल्ली
जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद राजगढ़ रोड पर पुलिस ने युवाओं को रोक लिया। इस दौरान
युवाओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। पुलिस उन्हें वाहनों के साथ सिविल लाइन
थाने ले गई।
हिरासत में लिए गए युवाओं में शाहनवाज भट्टी, प्रधान बार एसोसिएशन फतेहाबाद,
डीवाईएफआई के राज्य अध्यक्ष मुकेश, प्रदीप बेनीवाल और पंकज बगला सहित अन्य युवा शामिल
बताए गए। युवाओं को थाने ले जाने की सूचना फैलते ही विभिन्न सामाजिक और किसान संगठनों
के लोग सिविल लाइन थाने पहुंचने लगे। उन्होंने युवाओं को हिरासत में रखने पर सवाल उठाते
हुए तत्काल रिहाई की मांग की। किसान नेता शमशेर नंबरदार ने कहा कि युवा अपनी आवाज उठाने
के लिए दिल्ली जा रहे थे। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को इस तरह रोकना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी
बड़ी संख्या में युवा मुख्यमंत्री से मुलाकात की मांग को लेकर कई घंटे तक सड़क पर बैठे
थे।
करीब नौ घंटे तक थाने में रखने के बाद दोपहर को पुलिस ने सभी 28 युवाओं को
छोड़ दिया। युवाओं की रिहाई के बाद थाने में प्रस्तावित धरना और आंदोलन भी सामाजिक
एवं किसान संगठनों ने रद्द कर दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर