युवाओं के नए आइडिया को सरकार देगी उड़ान, मिलेगी सीड फंडिंग

 


मुख्यमंत्री ने हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की बैठक में ‘नवाचार योजना’ को दी सैद्धांतिक मंजूरी

चंडीगढ़, 29 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ‘आइडिया से इनोवेशन और इनोवेशन से समाधान’ की अवधारणा को साकार करने तथा अकादमिक शोध, नवाचार और प्रशासनिक जरूरतों के बीच प्रभावी सेतु स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इसके तहत ‘हरियाणा नेटवर्क फॉर एकेडमिक विजन, अपलाइड क्रिएटिविटी एवं हॉलिस्टिक एडमिनिस्ट्रेटिव रिसर्च (नवाचार) योजना’ तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित हरियाणा स्टेट इनोवेशन सोसाइटी की पहली बैठक में योजना पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया और इसे सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में एजेंडे के विभिन्न बिंदुओं पर क्रमवार चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए।

नवाचार योजना का उद्देश्य प्रदेश के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की रचनात्मक एवं नवाचार क्षमता को वास्तविक चुनौतियों से जोड़ना है, ताकि ऐसे शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित किया जा सके, जिनके परिणामों का उपयोग नीतियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किया जा सके।

योजना के तहत यदि कोई विद्यार्थी नई तकनीक, समाधान अथवा ऐसा आइडिया प्रस्तुत करता है, जो प्रदेश की किसी वास्तविक समस्या के समाधान में उपयोगी हो सकता है, तो उसके विचार को प्रोटोटाइप और समाधान के रूप में विकसित करने के लिए सरकार द्वारा सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत शोध परियोजनाओं को ‘लैब से फील्ड और फील्ड से नीति’ के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में विकसित ज्ञान, तकनीक और नवाचार को वास्तविक परिस्थितियों में परखना तथा सफल परिणामों को सरकारी विभागों और आमजन के हित में उपयोगी बनाना है। योजना के तहत शोध परियोजनाओं को राज्य के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुरूप प्रोत्साहित किया जाएगा। इनमें विकसित हरियाणा-2047, सतत विकास लक्ष्य, डिजिटल गवर्नेंस, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, टिकाऊ कृषि, शहरी प्रबंधन तथा सामाजिक-आर्थिक समावेशन जैसे प्रमुख विषय शामिल होंगे।

विश्वविद्यालय और शोधकर्ता होंगे योजना के सहभागी

नवाचार योजना के तहत हरियाणा में स्थित पात्र विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों को राज्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर शोध परियोजनाएं प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। प्रारंभिक परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद चयनित प्रस्तावों को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए 1 लाख रुपये तक की प्रारंभिक सीड फंडिंग उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके बाद संबंधित विभाग के समन्वय से तैयार डीपीआर को परियोजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक अंतिम वित्तीय स्वीकृति हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा