योग भारतीय संस्कृति का विश्व को दिया गया अमूल्य उपहार : राज्यपाल

 


हरियाणा लोक भवन में उत्साह पूर्वक मनाया गया 12 वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

चंडीगढ़, 21 जून (हि.स.)। हरियाणा लोक भवन में रविवार को 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर प्रदेश की प्रथम महिला मित्रा घोष भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल प्रो.असीम कुमार घोष ने कहा कि वर्तमान भारत सरकार न केवल देश वासियों के कल्याण के लिए, बल्कि समस्त मानवता के हित में भी निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग के मूल्यों को अपना रहा है और उनसे प्रेरणा ले रहा है। योग भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन सभ्यता का अभिन्न अंग है।

राज्यपाल ने कहा कि योग केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक समग्र पद्धति है, जो मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन तथा उत्तम स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि मानसिक शांति से शरीर और मन दोनों का सर्वांगीण विकास संभव होता है।

प्रो. असीम कुमार घोष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्व के 150 से अधिक देशों में उत्साह पूर्वक मनाया जाता है। योग शरीर को सुदृढ़ बनाता है, मन को शांत करता है, चिंतन शक्ति को विकसित करता है तथा बौद्धिक क्षमता को बढ़ाता है। इस प्रकार यह व्यक्ति और समाज, दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम की सराहना करते हुए प्रो. असीम कुमार घोष ने आशा व्यक्त की कि आयोजक भविष्य में भी प्रतिवर्ष ऐसे आयोजन करते रहेंगे तथा योग के व्यापक लाभों के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव विजयकुमार भाविकट्टी, राज्यपाल के परिसहाय धीरज सेतिया सहित लोक भवन के सभी अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा