यमुनानगर: खनन कारोबारी व सरकारी अधिकारी भिड़े,पुलिस जांच शुरू

 

यमुनानगर, 26 जून (हि.स.)। यमुनानगर के ताजेवाला–मांडेवाला मार्ग पर सरकारी विभाग के रास्ते के उपयोग को लेकर खनन कारोबारी और विभागीय अधिकारियों के बीच विवाद गहरा गया है। मामले में हाइडल विभाग के एक्सईएन विक्रांत ढांडा और ताजेवाला क्षेत्र में स्क्रीनिंग प्लांट संचालित करने वाले खनन कारोबारी शुभम के बीच तीखी बहस के बाद स्थिति सुर्खियों में आ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद उस समय शुरू हुआ जब हाइडल विभाग ने एचपीजीसीएल के निजी मार्ग से खनन सामग्री से भरे भारी वाहनों की आवाजाही पर आपत्ति जताई। विभाग का कहना है कि यह मार्ग केवल विभागीय कार्यों और स्थानीय ग्रामीणों के उपयोग के लिए निर्धारित है, जबकि कारोबारी पक्ष का दावा है कि उनके प्लांट तक पहुंचने के लिए यह मार्ग आवश्यक है।

मामला उस समय और बढ़ गया जब गश्त के दौरान एक वाहन को रोक दिया गया। कारोबारी पक्ष ने आरोप लगाया कि वाहन को बिना किसी वैधानिक आधार के रोका गया और विभागीय अधिकारी द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। वहीं हाइडल विभाग का कहना है कि खनन वाहनों की आवाजाही निर्धारित नियमों के विरुद्ध है और सुरक्षा के दृष्टिकोण से रोक आवश्यक है।

दोनों पक्षों के बीच चली तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों ने प्रतापनगर थाना पुलिस में शिकायत दी है। थाना प्रभारी रोहताश कुमार ने बताया कि शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार