हरियाणा के सुनील कुमार ने एशियाई खेलों में लगातार दूसरा कांस्य जीता

 


87 किलोग्राम ग्रीको-रोमन वर्ग में फिलीपींस के पहलवान को तकनीकी श्रेष्ठता

से हराया

दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय ग्रीको-रोमन पहलवान बने

हिसार, 01 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के पहलवान सुनील कुमार ने एशियाई खेलों

में लगातार दूसरी बार कांस्य पदक जीतकर भारतीय ग्रीको-रोमन कुश्ती में नया कीर्तिमान

स्थापित किया है। 27 वर्षीय सुनील ने पुरुषों के 87 किलोग्राम वर्ग में फिलीपींस के

रॉबर्ट्स कालम जॉनस्टन को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर कांस्य पदक अपने नाम किया।

इस उपलब्धि के साथ वे दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले भारत के पहले ग्रीको-रोमन

पहलवान बन गए हैं।

मुकाबले में सुनील ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा। उन्होंने प्रतिद्वंद्वी

का दाहिना हाथ बांधकर उसे पटखनी दी और 4-0 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद रक्षात्मक

खेल रहे जॉनस्टन को जमीन पर गिराते हुए सुनील ने लगातार स्कोरिंग मूव किए और पहले ही

पीरियड में मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारतीय रेलवे में चीफ टिकट इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत सुनील कुमार को भारतीय

ग्रीको-रोमन कुश्ती में योगदान के लिए वर्ष 2023 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया

जा चुका है। वे हरियाणा के सोनीपत जिले के डाबरपुर गांव के निवासी हैं। हरियाणा कुश्ती

संघ के महासचिव राकेश सिंह सांगवान ने सुनील की उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है।

सुनील ने इससे पहले हांगझोउ में आयोजित 2023 एशियाई खेलों में भी कांस्य पदक

जीता था। उनके उस पदक से ग्रीको-रोमन कुश्ती में भारत का 13 साल का पदक का इंतजार समाप्त

हुआ था। इससे पहले रविंद्र सिंह और सुनील कुमार ने 2010 के ग्वांग्झू एशियाई खेलों

में कांस्य पदक जीता था। कांस्य पदक जीतने के बाद सुनील ने कहा कि वह खुश हैं, लेकिन

संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जापानी प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ की गई गलती का उन्हें

खामियाजा भुगतना पड़ा और उस मुकाबले में उन्होंने तकनीक की बजाय दमखम का अधिक इस्तेमाल

किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर