जुलाना की विधायक एवं ओलंपियन को जींद की रेसलर ने हराया
जींद, 30 मई (हि.स.)। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम दिल्ली में शनिवार को एशियन गेम्स 2026 के चयन को लेकर आयोजित किए गए ट्रायल्स के 53 किलोग्राम भार वर्ग में जुलाना की विधायक एवं ओलंपियन विनेश फौगाट को जींद की ही पहलवान मीनाक्षी गोयत ने सेमीफाइनल मुकाबले में ओलिंपियन विनेश फोगाट को 6-4 से मात दी। मीनाक्षी गोयत जींद की बेटी हैं जबकि विनोश फोगाट की शादी जींद के गांव बख्ता खेड़ा में हुई है। एशियाई खेलों की ट्रायल को लेकर चाबरी गांव में उत्साह का महौल था। ग्रामीणों को विश्वास था कि उनकी बेटी मीनाक्षी इसमें सफलता हासिल करेगी।
मीनाक्षी गोयत ने विनेश फोगाट जैसी दिग्गज खिलाड़ी को हरा कर अपनी सफलता की शुरूआत कर दी है। ग्रामीणों का विश्वास है कि मीनाक्षी देश के लिए एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतेगी। मीनाक्षी तीन भाई, बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी प्रतिभा को देखते हुए परिवार जींद से सोनीपत शिफ्ट हो गया था। मीनाक्षी के पिता प्रेम सोनीपत में डेयरी चलाते हैं और परिवार का खर्च उठाने के साथ-साथ उनकी डाइट और ट्रेनिंग का भी पूरा ध्यान रखते हैं। खेल के साथ-साथ मीनाक्षी ने पढ़ाई भी जारी रखी और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की।
सुप्रीम कोर्ट से ट्रायल में खेलने की अनुमति मिलने के बाद मैट पर उतरी विनेश की हार का सामना करना पड़ा और अब वो एशियन गेम्स के मुकाबलों में नही खेल पाएंगी। इस जीत के साथ ही मीनाक्षी अचानक सुर्खियों में आ गई हैं। मीनाक्षी जींद जिले के चाबरी गांव की रहने वाली हैं। गांव चाबरी के सरपंच राकेश ने बताया कि मीनाक्षी चाबरी की रहने वाली हैं और परिवार फिलहाल सोनीपत में रह रहा है। गांव में खुशी का माहौल है। मीनाक्षी के पिता प्रेम गोयत ने कहा कि बेटी मीनाक्षी को बचपन से ही कुश्ती का शौक था। रेसलर जॉन सीना उनके पसंदीदा खिलाड़ी हैं। टीवी पर उन्हें देखकर ही उन्होंने कुश्ती सीखने का फैसला किया और महज 10 साल की उम्र में ट्रेनिंग शुरू कर दी थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा