हांसी : पेयजल संकट पर महिलाओं ने मटके फोड़ जताया रोष, 25 तक का अल्टीमेटम
बिजली-पानी की किल्लत
पर चानौत गांव में चल रहा धरना जारी
एसडीएम के आश्वासन
पर टला रोड जाम, बनाई पांच सदस्यीय कमेटी
हांसी, 22 मई (हि.स.)।
बरवाला रोड स्थित चानौत गांव में बिजली और पेयजल की समस्या को लेकर चल रहा ग्रामीणों
का धरना शुक्रवार को सातवें दिन भी जारी रहा। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने शुक्रवार को
हांसी-बरवाला रोड जाम करने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। और स्थिति
संभालने के लिए एसडीएम राजेश खोथ, डीएसपी रविंद्र सांगवान सहित पीडब्ल्यूडी और बिजली
विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे ग्रामीणों को जल्द समस्याओं का समाधान
किए जाने का आश्वासन देकर प्रस्तावित रोड़ जाम टलवाया। हालांकि ग्रामीणों द्वारा दी
रोड़ जाम की चेतावनी के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस
बल तैनात किया गया था।
महिलाओं ने खाली
मटके फोड़ जताया रोष
अधिकारियों से बातचीत
के दौरान महिलाओं ने हांसी-बरवाला रोड पर प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों खाली मटके फोड़कर
प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से बिजली
और पेयजल की गंभीर समस्या है, और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर लगातार प्रशासनिक
अधिकारियों को लिखित शिकायत देकर समाधान की मांग की गई लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग
गांव की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज करते आ रहे थे। जिसके चलते ग्रामीणों को मजबूरन
आंदोलन व धरने का रास्ता अपनाना पड़ा।
एसडीएम के हस्तक्षेप
से टला जाम
धरने पर बैठे ग्रामीणों
द्वारा रोड जाम किए जाने के अल्टीमेटम के बाद एसडीएम राजेश खोथ के नेतृत्व में प्रशासनिक
अमला धरना स्थल पहुंचा। एसडीएम राजेश खोथ ने ग्रामीणों से बंद कमरे में बैठक की। उन्होंने
कहा कि रोड जाम से आम जनता को परेशानी होगी और समाधान निकालना मुश्किल हो जाएगा। एसडीएम
खोथ ने ग्रामीणों को समस्याओं के स्थाई समाधान के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाने का
सुझाव दिया, ताकि कमेटी की विभाग के उच्चाधिकारियों से मीटिंग करवाई जा सके। एसडीएम राजेश खोथ
से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने रोड जाम का फैसला वापस ले लिया। सरपंच हिमांशु
ने बताया कि समस्याओं का समाधान नहीं होने तथा प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा धरने पर
बैठे ग्रामीणों सुध नहीं लिए जाने पर मजबूरी में रोड जाम का निर्णय लिया गया था। एसडीएम
राजेश खोथ व अन्य विभागों के अधिकारियों ने धरना स्थल पहुंच समस्याओं का जल्द समाधान
का आश्वासन दिया है।
ग्रामीणों ने शुक्रवार
शाम तक आपसी सहमति से पांच सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्णय लिया है। गांव निवासी
अनूप सिंह ने कहा कि जिस पाइपलाइन से शहर के लोग पानी पी रहे हैं, उस पर ग्रामीणों
का भी बराबर का हक है। उन्होंने प्रशासन को 25 मई तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि
यदि तब तक गांव के लिए पाइपलाइन का टेंडर जारी नहीं किया गया तो ग्रामीण खुद कनेक्शन
जोड़ने को मजबूर होंगे।
जनस्वास्थ्य एवं
अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता संजीव त्यागी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया
कि एक सप्ताह के भीतर समस्या के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने
कहा कि इस मामले में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ
सख्त कार्रवाई होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर