यमुनानगर:मंडियों में गेहूं उठान का संकट गहराया, किसानों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी
यमुनानगर, 18 अप्रैल (हि.स.)। यमुनानगर जिले की अनाज मंडियों में गेहूं के उठान में देरी के चलते हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मंडियों में भारी जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे किसानों और आढ़तियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर इंडियन नेशनल लोकदल का विरोध प्रदर्शन शनिवार को 18वें दिन भी जारी रहा। इनेलो नेताओं ने आरोप लगाया कि उठान व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। मंडियों में जगह-जगह गेहूं के कट्टों के ढेर लगे हैं, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। किसानों को अपनी फसल उतारने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पा रहा, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।
नेताओं का कहना है कि प्रशासन द्वारा उठान तेज करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन धरातल पर स्थिति में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा। निजी ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद ठेकेदार जवाब नहीं दे रहा, जिसके चलते आढ़तियों को अपने स्तर पर उठान की व्यवस्था करनी पड़ रही है। वंही रादौर अनाज मंडी में भी बड़ी मात्रा में गेहूं के कट्टे पड़े होने की जानकारी सामने आई है। खुले में पड़े अनाज के खराब होने की आशंका से किसान चिंतित हैं। एक अप्रैल से शुरू हुए खरीद सीजन के बावजूद उठान की धीमी रफ्तार ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
इनेलो के राष्ट्रीय प्रवक्ता अश्विनी दत्ता ने कहा कि समय पर उठान न होने से किसानों को भुगतान भी प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार 72 घंटे के भीतर भुगतान होना चाहिए, लेकिन मौजूदा हालात में यह संभव नहीं हो पा रहा।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार