सिरसा: खेड़ी माइनर टूटने से गेहूं व सरसों की फसल जलमग्न
सिरसा, 30 नवंबर (हि.स.)। सिरसा जिले के गांव कुम्हारिया और खेड़ी के बीच खेड़ी माइनर दस दिन बाद रविवार तडक़े फिर टूट गई। सूचना मिलने पर सुबह सिंचाई विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और माइनर को पाटा गया। नहर टूटने से साथ लगे किसानों की हाल ही में बिजी गई गेहूं व सरसों की फसल को काफी नुकसान होने का अनुमान है। वही नहर टूटने से किसानों में सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष है।
ग्रामीण अनिल कुमार, सुरेंद्र और राज कुमार ने बताया कि खेड़ी माइनर अचानक से टूट गई। नहर टूटने से राज कुमार की 3 एकड़ में गेहूं की फसल, सुनील कुमार की 3 एकड़ में सरसों की फसल, पृथवी सिंह की 3 एकड़ में सरसों की फसल डूब गई। उन्होंने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ, ग्रामीणों ने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। किसानों बताया कि इसी स्थान पर नहर दस दिन पहले टूटी थी। किसानों का कहना है कि अंतिम छोर पर पडऩे के कारण सिंचाई के लिए पानी तो हमेशा ही कम पहुंचता है और बार-बार नहर टूटने पर जहां एक ओर फसलें खराब हो जाती हैं वहीं आगे खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता। बाद में जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गया, जो करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है, पानी का दबाव भी कम होता है। सिंचाई विभाग के कनिष्ठ अभियंता मनजीत बैनीवाल ने बताया कि कुम्हारिया और गांव खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर टूटने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग द्वारा मौके पर जाकर नहर की दरार को पाटने का काम शुरू कर दिया गया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से नहर के लीकेज को रोक दिया गया। और फिलहाल सिंचाई पानी की आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई है। नहर का यह हिस्सा अभी कच्चा है ओर अंतिम छोर पर कचरा ज्यादा हो जाता है जिससे नहर टूट जाती है, इस कच्चे हिस्से को पक्का करवाया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma