हिसार : डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वालों से रहें सतर्क : मयंक मुदगिल

 


लुवास में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता व्याख्यान, एएसपी मयंक मुदगिल ने बताए

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव के तरीके

हिसार, 13 अक्टूबर (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय

(लुवास) में मंगलवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता व्याख्यान आयोजित किया गया। पशु चिकित्सा

सभागार में विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण निदेशालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम में

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईपीएस मयंक मुदगिल ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल

अरेस्ट और साइबर अपराधों के बदलते तरीकों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों

को अनजान लिंक, संदिग्ध कॉल और फर्जी वेबसाइट से सतर्क रहने तथा अपनी निजी एवं बैंकिंग

जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी।

कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा के मार्गदर्शन, छात्र कल्याण निदेशक

डॉ. संदीप गुप्ता के दिशा-निर्देशन और मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. सोनिया सिंधु

के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति

जागरूक करना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनीश

यादव ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक

रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान सतर्कता

बरतने और साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी अपने परिवार एवं समाज तक पहुंचाने का आह्वान

किया।

मुख्य वक्ता एएसपी मयंक मुदगिल ने बताया कि साइबर अपराधी पुलिस अधिकारी या

अन्य सरकारी एजेंसियों का प्रतिनिधि बनकर लोगों को डराते हैं और डिजिटल अरेस्ट जैसी

झूठी धमकियों के माध्यम से पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। उन्होंने ऑनलाइन धोखाधड़ी

के विभिन्न तरीकों के उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को ऐसे मामलों में घबराने के बजाय

सतर्क रहने की सलाह दी। कार्यक्रम के समापन पर मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. सोनिया सिंधु ने धन्यवाद

किया और मुख्य वक्ता, मुख्य अतिथि सहित आयोजन में सहयोग देने वाले सभी अधिकारियों एवं

प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के आयोजन में सह-छात्र कल्याण निदेशक

डॉ. तेज प्रकाश और डॉ. अनीता दलाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर