हरियाणा के अस्पतालों में पानी के टैंकों की होगी सफाई

 

-नूंह की घटना के बाद स्वास्थ्य सचिव ने जारी किए आदेश

चंडीगढ़, 02 अप्रैल (हि.स.)। हरियाणा के नूंह स्थित सरकारी अस्पताल में पानी की टंकियों में मृत बंदर मिलने की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आयुष, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने गुरुवार को राज्य के सरकारी मेडिकल संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में पानी के सभी टैंकों की तत्काल जांच और सफाई के निर्देश जारी किए हैं।

डॉ. मिश्रा ने कहा कि समय-समय पर संज्ञान में आया है कि कई संस्थानों में पानी के टैंकों की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है, जिससे स्वास्थ्य का गंभीर ख़तरा पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों, कर्मचारियों और आगंतुकों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ पानी उपलब्ध करवाना बेहद जरूरी है और इस मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

उन्होंने सभी संस्थानों को निर्देश दिए गये है कि वे जमीन के ऊपर और जमीन के नीचे बने, दोनों तरह के पानी के टैंकों की तत्काल और पूरी तरह से जाँच करें। इस जांच में टैंकों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए, जिसमें किसी भी तरह के प्रदूषण, रिसाव या ढांचे को हुए नुकसान के संकेतो की पहचान करना भी शामिल है, ताकि संभावित ख़तरों को रोका जा सके। उन्होंने टैंकों में जमा गाद को हटाना, अंदर की सतहों को ठीक से धोना और निर्धारित सुरक्षा व स्वच्छता मानकों के अनुसार कीटाणु-मुक्त करना शामिल है।

डॉ. मिश्रा ने संस्थानों को निर्देश दिया है कि वह हर तीन माह में पानी के टैंकों की सफाई का प्रबंध करें। सभी संबंधित अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने और 5 अप्रैल, 2026 तक इसकी अनुपालन रिपोर्ट (पालन की रिपोर्ट) जमा करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उपायुक्तों को निर्देश दिये गये है कि वे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के माध्यम से इन निर्देशों के कार्यान्वयन की निगरानी करें और सात दिनों के भीतर अपनी निगरानी रिपोर्ट जमा करें।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा