हिसार : पश्चिमी विक्षोभ से मौसम ने ली करवट, 7.8 एमएम बारिश से दिन का पारा 9.2 डिग्री लुढ़का
धान की कटाई के बीच बारिश से मंडियों में भीगी फसल
जिंदल चौक और 12 क्वार्टर रोड पर जलभराव से बढ़ी परेशानी
हिसार, 15 अक्टूबर (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से
गुरुवार सुबह हिसार और आसपास के क्षेत्रों में मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह झमाझम बारिश
हुई, जो करीब 10 बजे तक रुक-रुककर जारी रही। शहर में 7.8 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश
के साथ चली ठंडी हवाओं से तापमान में बड़ी गिरावट आई और पिछले कई दिनों से गर्मी झेल
रहे लोगों को राहत मिली। वहीं, धान की कटाई के सीजन में हुई बारिश ने किसानों की चिंता
बढ़ा दी। हिसार और हांसी की अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल भीग
गई। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 16 अक्टूबर तक मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है।
बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। पिछले कुछ दिनों से हिसार
का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ था, लेकिन गुरुवार को यह गिरकर
25.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। बुधवार के मुकाबले अधिकतम तापमान में 9.2 डिग्री
सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जबकि यह सामान्य से 8.8 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान
20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट से मौसम में ठंडक बढ़ गई।
सुबह हुई बारिश के बाद शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति
बन गई। जिंदल चौक और 12 क्वार्टर रोड सहित कई स्थानों पर सड़कों और गलियों में पानी
जमा होने से राहगीरों तथा वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह कीचड़
फैलने से भी आवागमन प्रभावित हुआ। अचानक बदले मौसम ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था पर
भी सवाल खड़े कर दिए।
धान की कटाई और खरीद के सीजन के बीच हुई बारिश ने किसानों की चिंता
बढ़ा दी है। हिसार और हांसी की अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखी धान की फसल
भीग गई। इससे फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और किसानों को नुकसान होने की आशंका है।
किसानों के लिए अब फसल को सुखाने और सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर