राेहतक: मैपिंग नहीं होने वाले मतदाताओं की होगी जांच, दस्तावेजों से तय होगा नाम का भविष्य

 

28 सितंबर तक पूरी होगी एसआईआर-2026 की प्रक्रिया

30 अगस्त तक बूथों पर सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बैठेंगे बीएलओ

नाम जुड़वाने, हटवाने और विवरण में संशोधन का मिलेगा मौका

रोहतक, 05 अगस्त (हि.स.)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने प्रक्रिया तेज कर दी है। पुनरीक्षण के दौरान जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो पाई है या मतदाता रिकॉर्ड में किसी तरह की विसंगति सामने आई है, उनकी जांच की जाएगी। ऐसे मतदाताओं को बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित 13 मान्य दस्तावेजों में से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों की जांच और सुनवाई के बाद निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) अंतिम निर्णय लेंगे। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 28 सितंबर तक पूरी की जानी है। बुधवार को गढ़ी-सांपला-किलोई और रोहतक विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को जिला विकास भवन स्थित सभागार में प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों के बीएलओ एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूरा हो गया है।

मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, नाम हटवाने अथवा विवरण में संशोधन कराने का अवसर दिया जा रहा है। सभी बीएलओ 30 अगस्त तक मतदान केंद्रों पर उपलब्ध रहेंगे। पात्र नागरिक अपने मतदान केंद्र पर पहुंचकर बीएलओ के पास निर्धारित फार्म जमा करा सकते हैं।

प्रशासन की ओर से ड्राफ्ट मतदाता सूची जिला प्रशासन तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, हरियाणा की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मतदाता सूची में अपना नाम और विवरण जांचने के बाद पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के तहत नाम जुड़वाने या आवश्यक संशोधन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

नोटिस के बाद 13 दस्तावेजों में से देना होगा प्रमाण

चुनाव तहसीलदार सरला कौशिक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर के दौरान मैपिंग नहीं होने या रिकॉर्ड में विसंगति मिलने वाले मामलों की गंभीरता से जांच की जाए। ऐसे मामलों में बीएलओ स्तर से संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। इन मामलों की सुनवाई भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार नियुक्त सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (एईआरओ) करेंगे। नोटिस के आधार पर मतदाता को आयोग द्वारा निर्धारित 13 मान्य दस्तावेजों में से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। दस्तावेजों के परीक्षण के बाद ईआरओ अंतिम निर्णय लेंगे। इसके बाद मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / अनिल